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11 हजार दीपों ने कथा स्थल पर बिखेरी रोशनी

Mon, 26 Feb 2018 09:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Mon, 26 Feb 2018 09:29 PM IST
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दीपया की मनोहारी छटा देखते ही बनी
गायत्री परिवार के महायज्ञ में दीपदान किया गया। - फोटो : Amar Ujala
गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट की ओर से राप्ती नगर फेज-4 में चल रहे 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में तीसरे दिन सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुतियां डालीं। शाम को हुई प्रज्ञा पुराण कथा में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस मौके पर जब कथा स्थल को 11000 दीपों से सजाया गया तो मनोहारी छटा देखते ही बनी। लोगों ने पुस्तक मेले का भी लाभ उठाया।
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प्रज्ञा पुराण कथा सुनाने शांतिकुंज हरिद्वार से आए डॉ. अशोक धोगे ने कहा कि मनुष्य के विचारों में परिवर्तन लाने, देवत्व का उदय, धरती को स्वर्ग बनाने और नैतिक मूल्यों का विकास करने के साथ ही वातावरण शुद्ध करने के उद्देश्य से महायज्ञ का आयोजन किया गया है। मानव में तेजी से बढ़ रही दुष्प्रवृत्तियों एवं अपराध को रोकने के लिए ऐसे कार्य की जरूरत आ पड़ी है।
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इससे पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से तीन टोलियों में बांटकर हवन यज्ञ कराया गया। इसके बाद संस्कार कार्यक्रम हुआ। इसमें लोगों ने बच्चों का नामकरण, मुंडन आदि कार्यक्रम कराए। काफी संख्या में लोगों ने गुरुदीक्षा भी ली। मीडिया प्रभारी राजीव रस्तोगी ने बताया कि पुस्तक मेले में लोगों ने 3200 पुस्तकों के बीच अपनी मनपसंद पुस्तकें भी तलाशीं।
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