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दाखिल करने होंगे सिफ 13 रिटर्न
Updated Sat, 08 Jul 2017 10:27 PM IST
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सिद्धार्थनगर। जीएसटी को लेकर भ्रांतियों को दूर करने के लिए शनिवार की देर शाम वाणिज्य कर विभाग के अफसर दवा व्यापारियों से रूबरूहुए। व्यापार में आ रही दिक्कतों का समाधान करते हुए उन्हें सही तरीके बताए। सुझाव दिया कि किसी भी तरह के बहकावे में न आकर समस्याओं के समाधान के लिए सीधे उनसे संपर्क करें।
अशोक तिराहा स्थित नगरपालिका अध्यक्ष जमील सिद्दीकी के कैंप कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जीएसटी को लेकर कई समस्याएं बताई। व्यापारियों का मानना था कि उन्हें वर्ष 37 रिटर्न भरना होगा, जो काफी दुष्कर है। असिस्टेंट कमिश्नर निखिल वाजपेयी ने इसे अफवाह बताते हुए कहा कि प्रत्येक माह में एक और अंत में एक वार्षिक समेत कुल 13 रिटर्न ही दाखिल करने होंगे। हर दुकानदार को केवल अपनी बिक्री का विवरण दर्ज करना है। उसकी खरीद का ब्योरा स्वत: प्रदर्शित होगा। बताया कि हर माह की 10 तारीख तक पूर्ववर्ती माह की बिक्री अंकित करनी होगी। खरीद-बिक्री में कोई अंतर प्रदर्शित हो रहा है तो 15 तारीख तक उसे अपलोड करें और 17 तक विवाद को निस्तारित कर 20 तारीख तक रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
प्रोविजनल आईडी पर माल ढुलाई व बिक्री के सवाल पर बताया कि फिलहाल यह प्रोविजनल आईडी ही जीएसटी पिन के रूप में मान्य है। 20 लाख से कम के कारोबार वाले व्यापारियों को माल बिक्री सामान्य तरीके से करने, लेकिन उसका हर रिकॉर्ड रखते हुए जीएसटी चार्ज करने को कहा। दवा विक्रेताओं ने अलग-अलग दवाओं के लिए अब तक एचएसएन कोड न मिलने, ई-वे बिल सहित कई अन्य समस्याएं भी बताई। इस मौके पर दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष अफजाल अनवर खान, शैलेश कुमार पांडेय, उमेर, अनिरुद्ध राय, मुस्ताक अहमद, निलेश अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, शैलेंद्र चौरसिया, मनोज जायसवाल, अब्दुल कयूम, बालकृष्ण, राजकिशोर, चंद्रशेखर पांडेय आदि मौजूद रहे।
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अशोक तिराहा स्थित नगरपालिका अध्यक्ष जमील सिद्दीकी के कैंप कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जीएसटी को लेकर कई समस्याएं बताई। व्यापारियों का मानना था कि उन्हें वर्ष 37 रिटर्न भरना होगा, जो काफी दुष्कर है। असिस्टेंट कमिश्नर निखिल वाजपेयी ने इसे अफवाह बताते हुए कहा कि प्रत्येक माह में एक और अंत में एक वार्षिक समेत कुल 13 रिटर्न ही दाखिल करने होंगे। हर दुकानदार को केवल अपनी बिक्री का विवरण दर्ज करना है। उसकी खरीद का ब्योरा स्वत: प्रदर्शित होगा। बताया कि हर माह की 10 तारीख तक पूर्ववर्ती माह की बिक्री अंकित करनी होगी। खरीद-बिक्री में कोई अंतर प्रदर्शित हो रहा है तो 15 तारीख तक उसे अपलोड करें और 17 तक विवाद को निस्तारित कर 20 तारीख तक रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
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प्रोविजनल आईडी पर माल ढुलाई व बिक्री के सवाल पर बताया कि फिलहाल यह प्रोविजनल आईडी ही जीएसटी पिन के रूप में मान्य है। 20 लाख से कम के कारोबार वाले व्यापारियों को माल बिक्री सामान्य तरीके से करने, लेकिन उसका हर रिकॉर्ड रखते हुए जीएसटी चार्ज करने को कहा। दवा विक्रेताओं ने अलग-अलग दवाओं के लिए अब तक एचएसएन कोड न मिलने, ई-वे बिल सहित कई अन्य समस्याएं भी बताई। इस मौके पर दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष अफजाल अनवर खान, शैलेश कुमार पांडेय, उमेर, अनिरुद्ध राय, मुस्ताक अहमद, निलेश अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, शैलेंद्र चौरसिया, मनोज जायसवाल, अब्दुल कयूम, बालकृष्ण, राजकिशोर, चंद्रशेखर पांडेय आदि मौजूद रहे।
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