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सालों से जमे 120 लेखपाल हटाए गए
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:07 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर में एक ही तहसील में छह साल से अधिक समय से जमे लेखपालों का तबादला कर दिया गया है। शासन के निर्देश पर डीएम राजीव रौतेला ने जिले के ऐसे 120 लेखपालों का शुक्रवार को स्थानांतरण कर दिया, जोे एक ही तहसील में लंबे समय से जमे हैं। इनमें सर्वाधिक 60 लेखपाल सदर तहसील के हैं।
एक ही तहसील में छह या उससे अधिक सालों से जमे लेखपालों को हटाने के लिए शासन स्तर से कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं मगर सरकार व ब्यूरोक्रेसी में लेखपालों की पकड़ के चलते कभी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। जिले में सर्वाधिक मारामारी सदर तहसील में तैनाती को लेकर रहती है। बसपा और सपा शासन में भी डीएम ने दो बार ऐसे लेखपालों को फेंटने की कोशिश की थी मगर 70 फीसदी से अधिक लेखपाल अपने प्रभाव के चलते संबंधित तहसीलों में ही जमे रहे। निजाम बदलने के बाद फिर एक बार सख्ती हुई है। डीएम ने लंबे समय से जमे लेखपालों का दूसरे तहसीलों में तबादला कर दिया। इससे लेखपालों में हड़कंप है और कई लेखपाल फिर शासन में संपर्क साधने में जुट गए हैं। तबादले का यह आदेश इस बार कितना प्रभावी रहता है यह आने वाले समय बताएगा लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री होने से माना जा रहा है कि इस बार लेखपालों की दाल नहीं गलेगी। उधर, लेखपाल संघ भी इस कार्रवाई के विरोध में आवाज उठाने की तैयारी कर रहा है। संघ इस तबादले को लेकर डीएम और प्रमुख सचिव राजस्व आदि से मिलने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि संग्रह अमीनों के भी बड़े पैमाने पर तबादले की तैयारी चल रही है।
एक ही तहसील में छह या उससे अधिक सालों से जमे लेखपालों को हटाने के लिए शासन स्तर से कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं मगर सरकार व ब्यूरोक्रेसी में लेखपालों की पकड़ के चलते कभी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। जिले में सर्वाधिक मारामारी सदर तहसील में तैनाती को लेकर रहती है। बसपा और सपा शासन में भी डीएम ने दो बार ऐसे लेखपालों को फेंटने की कोशिश की थी मगर 70 फीसदी से अधिक लेखपाल अपने प्रभाव के चलते संबंधित तहसीलों में ही जमे रहे। निजाम बदलने के बाद फिर एक बार सख्ती हुई है। डीएम ने लंबे समय से जमे लेखपालों का दूसरे तहसीलों में तबादला कर दिया। इससे लेखपालों में हड़कंप है और कई लेखपाल फिर शासन में संपर्क साधने में जुट गए हैं। तबादले का यह आदेश इस बार कितना प्रभावी रहता है यह आने वाले समय बताएगा लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री होने से माना जा रहा है कि इस बार लेखपालों की दाल नहीं गलेगी। उधर, लेखपाल संघ भी इस कार्रवाई के विरोध में आवाज उठाने की तैयारी कर रहा है। संघ इस तबादले को लेकर डीएम और प्रमुख सचिव राजस्व आदि से मिलने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि संग्रह अमीनों के भी बड़े पैमाने पर तबादले की तैयारी चल रही है।
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