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दलित विरोधी है भारतीय जनता पार्टी: उदित राज

Thu, 16 May 2019 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 16 May 2019 12:33 AM IST
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दलित विरोधी है भारतीय जनता पार्टी: उदित राज
गोरखपुर। कांग्रेस नेता और सांसद उदित राज ने भारतीय जनता पार्टी को जनविरोधी के साथ दलित विरोधी करार दिया। कहा, पार्टी को गूंगा-बहरा दलित चाहिए। जो भी दलितों की बात उठाना शुरू करता है, उसे किनारा कर दिया जाता है। दलितों की आवाज उठाने पर भारतीय जनता पार्टी ने मुझे संसद में जाने से रोका। पार्टी की इसी दलित विरोधी मानसिकता को देश के दलितों तक पहुंचाने के लिए निकले हैं।
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उदित राज ने मंगलवार को शहर के होटल में प्रेसवार्ता के दौरान उक्त बातें कही। उन्हें दो बार सर्वश्रेष्ठ सांसद चुना गया। राष्ट्रीय स्तर की एक पत्रिका के सर्वे में देश का दूसरा सर्वश्रेष्ठ सांसद चुना गया। इसके बावजूद भाजपा ने नामांकन के एक दिन पहले टिकट काट दिया। कांग्रेस पार्टी ने मुझे पार्टी में शामिल किया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने चुनाव लड़ने को कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया। इसके बाद पूरे देश में भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को प्रचार प्रसार करने देश के दौरे पर निकले हैं। आरोप लगाया कि देश में 500 जजों और 38 कुलपतियों की नियुक्ति की गई, लेकिन इनमें से एक भी एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग को जगह नहीं दी गई। उदित राज ने पुलवामा हमले पर सवाल उठाया। कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इंटेलीजेंस जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छोटी छोटी चीजें ढूंढ लेती है, लेकिन छह दिन पहले हमले की आशंका की सूचना के बावजूद 350 किलोग्राम आरडीएक्स क्यों नहीं ढूंढ पाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष राकेश यादव, महानगर अध्यक्ष अरुण अग्रहरि, अनिल सोनकर, बादल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश की योगी सरकार भी दलित विरोधी

योगी सरकार को दलित विरोधी बताते हुए कहा कि इनकाउंटर भी जाति देखकर की गई है। दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का सबसे ज्यादा इनकाउंटर हुआ है। यूपी पुलिस महानिदेशक और 18 आईजी में एक भी अनुसूचित जाति जनजाति से नहीं है। 75 जिलों में तैनात एसपी, एसएसपी में सिर्फ तीन या चार एससी या एसटी हैं। उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षक चयन बोर्ड, उच्च शिक्षा चयन आयोग समेत तमाम आयोगों में से दलित आदिवासी गायब हैं। गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती में आरक्षण का पालन नहीं किया गया।
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