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इज्जत घर नहीं तो शस्त्र लाइसेंस होंगे निरस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 20 May 2018 01:16 AM IST
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- फोटो : FILE PHOTO
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गोरखपुर। जिले को ओडीएफ करने के लिए डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने सख्ती शुरू कर दी है। अब असलहे रखने वालों के घरों में शौचालय नहीं मिलने पर उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। डीएम का मानना है कि 70 हजार या उससे अधिक की रकम खर्च कर असलहा खरीदने वाले लोग शौचालय बनवाने में सक्षम हैं मगर उन्हें इज्जत से ज्यादा रसूख की चिंता है। उन्होंने सरकारी महकमों में अफसरों और कर्मचारियों पर भी सख्ती के निर्देश दिए हैं। चेताया है कि आंगनबाड़ी, आशा, रोजगार सेवक, सफाई कर्मी, ग्राम पंचायत व ग्राम्य विकास अधिकारी आदि के घरों में शौचालय नहीं होने पर उन्हें निलंबित तक किया जा सकता है।
डीएम शनिवार को विकास भवन सभागार में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद स्तर पर गठित जिला भारत मिशन मैनेजमेंट कमेटी के साथ बैठक कर ओडीएफ योजना की प्रगति जांच रहे थे। उन्होंने 30 जुलाई 2018 तक सभी गांव को ओडीएफ करने का निर्देश दिया। कहा, माइक्रो प्लान बनाकर स्वच्छ शौचालय निर्माण से गांव को संतृप्त किया जाए। इसमें लापरवाही बरतने वाले सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), खंड विकास अधिकारी और सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
डीएम ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर सचिवों से साप्ताहिक समीक्षा की जाए। सीएलटीएस टीम गांव में पांच रात रुककर लोगों को शौचालय के इस्तेमाल के लिए जागरूक करे। इसी दौरान यह भी पता लगाए कि गांव में कौन-कौन से ऐसे लोग हैं जिनके घरों में असलहे हैं या वे सरकारी अधिकारी-कर्मचारी हैं, मगर उनके पास शौचालय नहीं है। बैठक में सीडीओ अनुज सिंह, डीडीओ बब्बन उपाध्याय, डीपीआरओ, जिला कार्यक्त्रस्म अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, एक्सईएन जल निगम, सीएमओ, बीएसए समेत कई अफसर मौजूद रहे।
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डीएम शनिवार को विकास भवन सभागार में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद स्तर पर गठित जिला भारत मिशन मैनेजमेंट कमेटी के साथ बैठक कर ओडीएफ योजना की प्रगति जांच रहे थे। उन्होंने 30 जुलाई 2018 तक सभी गांव को ओडीएफ करने का निर्देश दिया। कहा, माइक्रो प्लान बनाकर स्वच्छ शौचालय निर्माण से गांव को संतृप्त किया जाए। इसमें लापरवाही बरतने वाले सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), खंड विकास अधिकारी और सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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डीएम ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर सचिवों से साप्ताहिक समीक्षा की जाए। सीएलटीएस टीम गांव में पांच रात रुककर लोगों को शौचालय के इस्तेमाल के लिए जागरूक करे। इसी दौरान यह भी पता लगाए कि गांव में कौन-कौन से ऐसे लोग हैं जिनके घरों में असलहे हैं या वे सरकारी अधिकारी-कर्मचारी हैं, मगर उनके पास शौचालय नहीं है। बैठक में सीडीओ अनुज सिंह, डीडीओ बब्बन उपाध्याय, डीपीआरओ, जिला कार्यक्त्रस्म अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, एक्सईएन जल निगम, सीएमओ, बीएसए समेत कई अफसर मौजूद रहे।
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