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किसानों पर गोलीबारी सरकार की तानाशाही : योगेंद्र
Updated Wed, 04 Oct 2017 08:31 PM IST
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गोरखपुर।
मध्य प्रदेश के मंदसौर में चार महीने पहले कर्जमाफी के लिए प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा की गई फायरिंग के विरोध में शुरू की गई किसान यात्रा बुधवार को गोरखपुर पहुंची। स्वराज्य पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव का पैडलेगंज में स्वागत किया गया, फिर नगर निगम के रानी लक्ष्मीबाई पार्क में धरना-प्रदर्शन हुआ। किसान यात्रा की अगुवाई कर रहे योगेंद्र यादव ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों पर ध्यान नहीं दे रही है। मंदसौर में किसानों पर गोलीबारी की घटना निंदनीय है। यह केंद्र और राज्य सरकार का तानाशाही रवैया दर्शाता है। बताया कि किसान यात्रा का अगला पड़ाव वाराणसी है।
मंदसौर में किसानों पर गोलीबारी के विरोध में 150 दलों को मिलाकर अखिल भारतीय किसान संघ समन्वय समिति बनाई गई है। इसी समिति के बैनर तले दो अक्टूबर को बिहार के चंपारण से किसान यात्रा निकाली गई है। तीसरे चरण की यात्रा बुधवार को गोरखपुर पहुंची। रानी लक्ष्मीबाई पार्क में योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों को लागत से ज्यादा पैसा मिलना चाहिए। इसकी सिफारिश स्वामीनाथन रिपोर्ट में भी की गई थी। भाजपा ने इसे अपने घोषणा पत्र में भी तवज्जो दी थी। अब किसान हक मांग रहे हैं तो गोली चलाई जा रही है। उन्होंने सभी किसानों के कर्ज माफ करने की मांग की। अब किसान यात्रा आजमगढ़ होते हुए गुरुवार को वाराणसी पहुंचेगी। वहां समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह और वरिष्ठ किसान नेता राजाराम सिंह भी यात्रा का हिस्सा बनेंगे। अभी दोनों नेता अलग-अलग जिलों से किसान यात्रा लेकर आ रहे हैं। वाराणसी जाने का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक किसानों की आवाज पहुंचाना है।
20 नवंबर को खत्म होगी यात्रा
किसान संघर्ष समिति की यात्रा चौथे चरण में दिल्ली पहुंचकर खत्म होगी। दिल्ली में जंतर-मंतर पर किसान मुक्ति संसद का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश भर के किसान हिस्सा लेंगे। किसान संसद के जरिये मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।
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मंच पर नही बोल सके योगेंद्र यादव
योगेंद्र यादव दोपहर करीब 12 बजे रानी लक्ष्मी बाई पार्क पहुंचे लेकिन मंच से बोल नहीं सके। दरअसल, किसान मोर्चा ने सभा के लिए आंगनबाड़ी वर्करों का मंच साझा किया था। कहा था कि किसानों से संबंधित कार्यक्रम एक घंटे तक चलेगा। यह समय सीमा बीत गई लेकिन योगेंद्र यादव नहीं पहुंच सके। इससे नाराज आंगनबाड़ी वर्करों ने हंगामा कर दिया। इसी का नतीजा रहा कि किसान यात्रा की अगुवाई कर रहे योगेंद्र यादव मंच से नहीं बोल सके। पार्क के किनारे खड़े होकर किसानों से बात की और अपनी बात रखी।
मध्य प्रदेश के मंदसौर में चार महीने पहले कर्जमाफी के लिए प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा की गई फायरिंग के विरोध में शुरू की गई किसान यात्रा बुधवार को गोरखपुर पहुंची। स्वराज्य पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव का पैडलेगंज में स्वागत किया गया, फिर नगर निगम के रानी लक्ष्मीबाई पार्क में धरना-प्रदर्शन हुआ। किसान यात्रा की अगुवाई कर रहे योगेंद्र यादव ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों पर ध्यान नहीं दे रही है। मंदसौर में किसानों पर गोलीबारी की घटना निंदनीय है। यह केंद्र और राज्य सरकार का तानाशाही रवैया दर्शाता है। बताया कि किसान यात्रा का अगला पड़ाव वाराणसी है।
मंदसौर में किसानों पर गोलीबारी के विरोध में 150 दलों को मिलाकर अखिल भारतीय किसान संघ समन्वय समिति बनाई गई है। इसी समिति के बैनर तले दो अक्टूबर को बिहार के चंपारण से किसान यात्रा निकाली गई है। तीसरे चरण की यात्रा बुधवार को गोरखपुर पहुंची। रानी लक्ष्मीबाई पार्क में योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों को लागत से ज्यादा पैसा मिलना चाहिए। इसकी सिफारिश स्वामीनाथन रिपोर्ट में भी की गई थी। भाजपा ने इसे अपने घोषणा पत्र में भी तवज्जो दी थी। अब किसान हक मांग रहे हैं तो गोली चलाई जा रही है। उन्होंने सभी किसानों के कर्ज माफ करने की मांग की। अब किसान यात्रा आजमगढ़ होते हुए गुरुवार को वाराणसी पहुंचेगी। वहां समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह और वरिष्ठ किसान नेता राजाराम सिंह भी यात्रा का हिस्सा बनेंगे। अभी दोनों नेता अलग-अलग जिलों से किसान यात्रा लेकर आ रहे हैं। वाराणसी जाने का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक किसानों की आवाज पहुंचाना है।
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20 नवंबर को खत्म होगी यात्रा
किसान संघर्ष समिति की यात्रा चौथे चरण में दिल्ली पहुंचकर खत्म होगी। दिल्ली में जंतर-मंतर पर किसान मुक्ति संसद का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश भर के किसान हिस्सा लेंगे। किसान संसद के जरिये मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।
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मंच पर नही बोल सके योगेंद्र यादव
योगेंद्र यादव दोपहर करीब 12 बजे रानी लक्ष्मी बाई पार्क पहुंचे लेकिन मंच से बोल नहीं सके। दरअसल, किसान मोर्चा ने सभा के लिए आंगनबाड़ी वर्करों का मंच साझा किया था। कहा था कि किसानों से संबंधित कार्यक्रम एक घंटे तक चलेगा। यह समय सीमा बीत गई लेकिन योगेंद्र यादव नहीं पहुंच सके। इससे नाराज आंगनबाड़ी वर्करों ने हंगामा कर दिया। इसी का नतीजा रहा कि किसान यात्रा की अगुवाई कर रहे योगेंद्र यादव मंच से नहीं बोल सके। पार्क के किनारे खड़े होकर किसानों से बात की और अपनी बात रखी।