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दोबारा छात्रसंघ चुनाव लड़ने पर बना संशय टला
Updated Tue, 05 Sep 2017 01:33 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में दोबारा चुनाव लड़ने पर बना संशय टल गया है। पिछले साल चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी इस बार किसी दूसरे पद पर ताल ठोक सकेंगे। इस बाबत युनिवर्सिटी प्रशासन ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता से सलाह लेकर आदेश जारी कर दिया है। फैसले की जानकारी मिलते ही छात्रसंघ प्रत्याशियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। देर रात तक प्रत्याशियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल बजने के बाद से ही लिंगदोह समिति की सिफारिशों को लागू करने को लेकर संशय बना हुआ था। प्रत्याशियों में हलचल की मुख्य वजह वाराणसी के काशी विद्यापीठ में लागू नियमों से थी। वहां के छात्रसंघ चुनाव की नियमावली में लिंगदोह कमेटी का हवाला देते हुए पूर्व में चुनाव लड़ चुके सभी प्रत्याशियों को दोबारा चुनाव लड़ने के अयोग्य बताया गया है। अब गोरखपुर यूनिवर्सिटी में भी यही नियम लागू होने की चर्चा थी। विवादों से बचने के लिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता से इस विषय पर राय लेने का निर्णय लिया था।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल बजने के बाद से ही लिंगदोह समिति की सिफारिशों को लागू करने को लेकर संशय बना हुआ था। प्रत्याशियों में हलचल की मुख्य वजह वाराणसी के काशी विद्यापीठ में लागू नियमों से थी। वहां के छात्रसंघ चुनाव की नियमावली में लिंगदोह कमेटी का हवाला देते हुए पूर्व में चुनाव लड़ चुके सभी प्रत्याशियों को दोबारा चुनाव लड़ने के अयोग्य बताया गया है। अब गोरखपुर यूनिवर्सिटी में भी यही नियम लागू होने की चर्चा थी। विवादों से बचने के लिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता से इस विषय पर राय लेने का निर्णय लिया था।
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