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दुबई में फंसा मजदूर घर लौटा
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:31 PM IST
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कुशीनगर। अपने परिवार का भविष्य संवारने की उम्मीद लेकर करीब आठ माह पूर्व सऊदी अरब के दुबई शहर गए नौतार जंगल गांव निवासी राकेश की वतन वापसी हो गई। एजेंटों की धोखाधड़ी के चलते दुबई में बंधुआ मजदूर बन चुके राकेश को सांसद की पहल के बाद सकुशल घर आने का अवसर मिला है। बृहस्पतिवार को घर पहुंचा तो पत्नी व बच्चों के अलावा गांव के लोग भी खुशी से फूले नहीं समा रहे थे।
हनुमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा नौतार जंगल निवासी राकेश निषाद का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। राकेश रोजगार की तलाश में भटक रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात दो ऐसे लोगों से हो गई जो बेरोजगार युवकों को विदेश भेजते थे। इनकी मदद से बीते साल 26 नवंबर को राकेश दुबई चला गया। वहां उसे 40 फीट की ऊंचाई पर बिना किसी सुरक्षा उपाय के 35 से 40 किलोग्राम का पत्थर चढ़ाने का काम मिला। इस काम को करने से मना करने पर राकेश को वहां बंधक बना लिया गया। मजबूरी में उसने दुबारा काम शुरू किया लेकिन इसके बदले वेतन व भोजन भी नहीं दिया जाता था। वहां मिले कुछ भारतीयों ने उसे किसी तरह से अपने सांसद से पहल कराने का सुझाव दिया। राकेश ने घरवालों को इसकी जानकारी दी। राकेश के पिता विंध्याचल निषाद ने सांसद राजेश पांडेय से मिलकर पूरी बात बताई। सांसद ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर घटना की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के भारतीय दूतावास से संपर्क कर राकेश की घर वापसी का प्रबंध कराया। बृहस्पतिवार को घर लौटा तो परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के गोरख निषाद ,रामशीष निषाद, उमाशंकर रौनियार, मनोज साहनी, छांगुर, मुकेश आदि ने राकेश की वापसी में मदद के लिए सांसद को धन्यवाद दिया।
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हनुमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा नौतार जंगल निवासी राकेश निषाद का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। राकेश रोजगार की तलाश में भटक रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात दो ऐसे लोगों से हो गई जो बेरोजगार युवकों को विदेश भेजते थे। इनकी मदद से बीते साल 26 नवंबर को राकेश दुबई चला गया। वहां उसे 40 फीट की ऊंचाई पर बिना किसी सुरक्षा उपाय के 35 से 40 किलोग्राम का पत्थर चढ़ाने का काम मिला। इस काम को करने से मना करने पर राकेश को वहां बंधक बना लिया गया। मजबूरी में उसने दुबारा काम शुरू किया लेकिन इसके बदले वेतन व भोजन भी नहीं दिया जाता था। वहां मिले कुछ भारतीयों ने उसे किसी तरह से अपने सांसद से पहल कराने का सुझाव दिया। राकेश ने घरवालों को इसकी जानकारी दी। राकेश के पिता विंध्याचल निषाद ने सांसद राजेश पांडेय से मिलकर पूरी बात बताई। सांसद ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर घटना की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के भारतीय दूतावास से संपर्क कर राकेश की घर वापसी का प्रबंध कराया। बृहस्पतिवार को घर लौटा तो परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के गोरख निषाद ,रामशीष निषाद, उमाशंकर रौनियार, मनोज साहनी, छांगुर, मुकेश आदि ने राकेश की वापसी में मदद के लिए सांसद को धन्यवाद दिया।
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