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...तो संक्रमण के चलते बढ़ी मौतों की संख्या
Updated Thu, 06 Jul 2017 01:43 AM IST
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गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज के नियोनेटल यूनिट (एनएनयू) में संक्रमण फैला था। यहां माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों को जांच में चार खतरनाक बैक्टीरिया मिले हैं। यह जांच करीब पांच दिन पहले की गई थी। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले मिली जांच रिपोर्ट के बाद ही एनएनयू को विसंक्रमित करने का फैसला हुआ।
एनएनयू में इस वर्ष मौतों का आंकड़ा बढ़ने से बालरोग विभाग के डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई। चर्चा है कि पांच दिन पहले विभाग के डॉक्टरों ने एनएनयू कक्ष के कोनों में चिपके धूल के कण जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजे। इस जांच में तीन दिन लग गए। दो दिन पहले मिली रिपोर्ट से बालरोग विभाग के डॉक्टर हैरान रह गए। इस साल अब तक एनएनयू में 785 नवजातों की मौत हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष जून के आंकड़ों से करीब 150 अधिक है। विसंक्रमण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को एनएनयू फिर से खोल दिया जाएगा।
दो नवजातों की हुई मौत
मंगलवार को एनएनयू में 60 नवजात भर्ती रहे। इनमे से 12 नवजात वेंटिलेटर पर रखे गए थे। वेंटिलेटर पर भर्ती नवजातों को पास के दूसरे कमरे में शिफ्ट किया गया। दूसरे नवजात कंगारू मदर केयर और बालरोग विभाग के आईसीयू में रखे गए। इनमें से बुधवार को दो नवजातों की मौत हो गई। इसके साथ ही मौतों की कुल संख्या 787 हो गई है।
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मेडिकल कॉलेज के नियोनेटल यूनिट (एनएनयू) में संक्रमण फैला था। यहां माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों को जांच में चार खतरनाक बैक्टीरिया मिले हैं। यह जांच करीब पांच दिन पहले की गई थी। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले मिली जांच रिपोर्ट के बाद ही एनएनयू को विसंक्रमित करने का फैसला हुआ।
एनएनयू में इस वर्ष मौतों का आंकड़ा बढ़ने से बालरोग विभाग के डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई। चर्चा है कि पांच दिन पहले विभाग के डॉक्टरों ने एनएनयू कक्ष के कोनों में चिपके धूल के कण जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजे। इस जांच में तीन दिन लग गए। दो दिन पहले मिली रिपोर्ट से बालरोग विभाग के डॉक्टर हैरान रह गए। इस साल अब तक एनएनयू में 785 नवजातों की मौत हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष जून के आंकड़ों से करीब 150 अधिक है। विसंक्रमण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को एनएनयू फिर से खोल दिया जाएगा।
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दो नवजातों की हुई मौत
मंगलवार को एनएनयू में 60 नवजात भर्ती रहे। इनमे से 12 नवजात वेंटिलेटर पर रखे गए थे। वेंटिलेटर पर भर्ती नवजातों को पास के दूसरे कमरे में शिफ्ट किया गया। दूसरे नवजात कंगारू मदर केयर और बालरोग विभाग के आईसीयू में रखे गए। इनमें से बुधवार को दो नवजातों की मौत हो गई। इसके साथ ही मौतों की कुल संख्या 787 हो गई है।
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