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विश्वविद्यालय बताए, फैकल्टी खोलने पर खर्च कौन उठाएगा
Sat, 20 Apr 2019 01:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Apr 2019 01:21 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की फैकल्टी खोलने संबंधित प्रस्ताव को शासन ने संज्ञान में लिया है। शासन ने विश्वविद्यालय से छह बिंदुओं पर आख्या मांगते हुए पूछा है कि इस पर होने वाले खर्च का वहन कौन करेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन सभी बिदुंओं के जवाब तैयार करा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्य परिषद से दिसंबर 2018 में इंजीनियरिंग फैकल्टी शुरू करने का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को मंजूरी के लिए भेजा था। कार्य परिषद ने फैकल्टी के डीन के रूप में प्रो. सुग्रीवनाथ तिवारी की नियुक्ति पर भी मुहर लगा दी। संकाय में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव है। इन विषयों के पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिए गए थे ताकि मंजूरी मिलते ही पढ़ाई शुरू करा दी जाए। भवन के लिए लंबे समय से पुलिस के कब्जे में पड़े साइंस म्यूजियम भवन को चुना गया था। बीटेक कोर्स में दाखिले के लिए एकेटीयू (अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी) लखनऊ की राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा की रैंकिंग को आधार माना गया। तय किया गया कि संकाय में सेमेस्टर व च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होगा।
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- कक्षाएं, लैब व उपकरणों की व्यवस्था क्या होगी।
- इंडियन टेक्निकल एजुकेशन काउंसिल की अनुमति मिली है या नहीं।
- शिक्षकों, तकनीकी स्टाफ व शिक्षणेतर कर्मियों की क्या व्यवस्था है।
- संकाय को संचालित करने का खर्च कौन उठाएगा।
- मौजूदा समय विश्वविद्यालय में चल रहे पाठ्यक्रमों के मद में वेतन व अन्य मदों पर कितना खर्च आता है।
नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्य परिषद से दिसंबर 2018 में इंजीनियरिंग फैकल्टी शुरू करने का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को मंजूरी के लिए भेजा था। कार्य परिषद ने फैकल्टी के डीन के रूप में प्रो. सुग्रीवनाथ तिवारी की नियुक्ति पर भी मुहर लगा दी। संकाय में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव है। इन विषयों के पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिए गए थे ताकि मंजूरी मिलते ही पढ़ाई शुरू करा दी जाए। भवन के लिए लंबे समय से पुलिस के कब्जे में पड़े साइंस म्यूजियम भवन को चुना गया था। बीटेक कोर्स में दाखिले के लिए एकेटीयू (अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी) लखनऊ की राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा की रैंकिंग को आधार माना गया। तय किया गया कि संकाय में सेमेस्टर व च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होगा।
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इन सवालों का जवाब देना है
- कोर्स के हिसाब से कितने प्रवेश लिए जाएंगे।- कक्षाएं, लैब व उपकरणों की व्यवस्था क्या होगी।
- इंडियन टेक्निकल एजुकेशन काउंसिल की अनुमति मिली है या नहीं।
- शिक्षकों, तकनीकी स्टाफ व शिक्षणेतर कर्मियों की क्या व्यवस्था है।
- संकाय को संचालित करने का खर्च कौन उठाएगा।
- मौजूदा समय विश्वविद्यालय में चल रहे पाठ्यक्रमों के मद में वेतन व अन्य मदों पर कितना खर्च आता है।
नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।