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राजा शनि और मंत्री सूर्य करेंगे बाजार गुलजार लेकिन किसान होंगे बेजार
Wed, 03 Apr 2019 12:54 AM IST
ajay Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: ajay Kumar
Updated Wed, 03 Apr 2019 12:54 AM IST
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हिंदी नव वर्ष के जश्न के साथ मां भगवती और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का पूजन-अर्चन भी शुरू हो जाएगा। आठ दिनों तक देवी आराधना चलेगी। आठवें दिन ही रामनवमी मनाई जाएगी।
वर्ष में दो बार नवरात्र व्रत होता है। इसमें से चैत्र (वासंतिक) नवरात्र यानी रामनवमी के साथ नव संवत्सर की शुरुआत मानी जाती है। दूसरे नवरात्र को शारदीय नवरात्र के नाम से जाना जाता है। इस बार शनिवार से चैत्र रामनवमी शुरू हो रही है। ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय के मुताबिक इस वर्ष वासंतिक नवरात्र में कलश स्थापना का मुहूर्त सूर्योदय से लेकर दोपहर 2:58 तक है। इस बीच सबसे विशेष अभिजित मुहूर्त 11:30 से 12:18 के बीच है। शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना के बाद मां भगवती का षोडशोपचार वा पञ्चोपचार पूजन कर दुर्गासप्तशती का पाठ, नवार्ण मंत्र का जप करें। इस वर्ष नवरात्र आठ दिन का ही है, जिसमें नवमी तिथि का क्षय है।
ज्योतिषाचार्य पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि इस बार वासंतिक नवरात्र आठ दिन का है। नवमी युक्त अष्टमी और अष्टमी युक्त नवमी देवी पूजन के लिए प्रशस्त मानी गई है। इसलिए इस बार नवरात्र व्रत का आठवां दिन देवी उपासना के लिए बहुत ही खास है।
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वृष- धन लाभ व ऐश्वर्य की प्राप्ति।
मिथुन- परिवार में मांगलिक कार्य व सुख की वृद्धि ।
कर्क- अभीष्ट की प्राप्ति परंतु मानसिक कष्ट।
सिंह- संतान सुख व सौख्य की प्राप्ति।
कन्या- शत्रुओं पर विजय व यश कीर्ति की वृद्धि।
तुला- स्त्री सुख व व्यापार में वृद्धि।
वृश्चिक- रोग भय व मानसिक कष्ट के योग।
धनु- धर्म कार्य में रुचि व आकस्मिक धन लाभ।
मकर- सन्तान प्राप्ति व व्यापार वृद्धि के योग।
कुंभ- धन लाभ यात्रा के योग व व्यापार की वृद्धि।
मीन- व्यय की अधिकता, शारीरिक कष्ट हो सकते हैं।
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वर्ष में दो बार नवरात्र व्रत होता है। इसमें से चैत्र (वासंतिक) नवरात्र यानी रामनवमी के साथ नव संवत्सर की शुरुआत मानी जाती है। दूसरे नवरात्र को शारदीय नवरात्र के नाम से जाना जाता है। इस बार शनिवार से चैत्र रामनवमी शुरू हो रही है। ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय के मुताबिक इस वर्ष वासंतिक नवरात्र में कलश स्थापना का मुहूर्त सूर्योदय से लेकर दोपहर 2:58 तक है। इस बीच सबसे विशेष अभिजित मुहूर्त 11:30 से 12:18 के बीच है। शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना के बाद मां भगवती का षोडशोपचार वा पञ्चोपचार पूजन कर दुर्गासप्तशती का पाठ, नवार्ण मंत्र का जप करें। इस वर्ष नवरात्र आठ दिन का ही है, जिसमें नवमी तिथि का क्षय है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि इस बार वासंतिक नवरात्र आठ दिन का है। नवमी युक्त अष्टमी और अष्टमी युक्त नवमी देवी पूजन के लिए प्रशस्त मानी गई है। इसलिए इस बार नवरात्र व्रत का आठवां दिन देवी उपासना के लिए बहुत ही खास है।
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इन राशियों पर यह असर
मेष- शारीरिक व मानसिक सुख की प्राप्ति।वृष- धन लाभ व ऐश्वर्य की प्राप्ति।
मिथुन- परिवार में मांगलिक कार्य व सुख की वृद्धि ।
कर्क- अभीष्ट की प्राप्ति परंतु मानसिक कष्ट।
सिंह- संतान सुख व सौख्य की प्राप्ति।
कन्या- शत्रुओं पर विजय व यश कीर्ति की वृद्धि।
तुला- स्त्री सुख व व्यापार में वृद्धि।
वृश्चिक- रोग भय व मानसिक कष्ट के योग।
धनु- धर्म कार्य में रुचि व आकस्मिक धन लाभ।
मकर- सन्तान प्राप्ति व व्यापार वृद्धि के योग।
कुंभ- धन लाभ यात्रा के योग व व्यापार की वृद्धि।
मीन- व्यय की अधिकता, शारीरिक कष्ट हो सकते हैं।