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रोक के बाद भी रामगढ़ताल में गिर रहा गंदा पानी
Sun, 30 Dec 2018 12:46 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Sun, 30 Dec 2018 12:46 AM IST
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गोरखपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की हाईपावर कमेटी ने शनिवार को वेट लैंड के 50 मीटर के दायरे में जीडीए की ओर से चिह्नित निर्माण का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान केंद्रीय और प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे। सत्यापन में, पहले हो चुके 393 निर्माण संबंधी जीडीए की रिपोर्ट तो सही मिली मगर कई स्थानों पर रोक के बाद भी नया निर्माण होता पाया गया। कमेटी ने इसपर आपत्ति जताई तो जीडीए के अफसरों ने जल्द कार्रवाई करने की बात कहकर गर्दन बचाने की कोशिश की। यही नहीं रोक के बाद भी रामगढ़ताल में कई नालों का गंदा पानी सीधे गिरता मिला। कमेटी, केंद्र और प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद इस सत्यापन की अपनी रिपोर्ट एनजीटी को सौंपेगी।
इस्टर्न यूपी रिवर्स एंड वाटर रिजर्वायर मॉनीटरिंग कमेटी लखनऊ के सचिव व पूर्व जिला जज राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एनजीटी की हाई पावर कमेटी ने शनिवार की सुबह पहले जीडीए, जल निगम आदि विभागों के अफसरों से वेट लैंड के बारे में चर्चा की। इसके बाद कमेटी ने पैडलेगंज से लेकर मोहद्दीपुर आरकेबीके, महादेव झारखंडी होते हुए सहारा इस्टेट तक रामगढ़ताल किनारे के 50 मीटर तक के वेट लैंड में हुए निर्माण का जायजा लिया। जीडीए की रिपोर्ट से हर निर्माण का मिलान किया। इसके अलावा रामगढ़ताल में सीधे गिर रहे नालों को भी देखा। करीब 20 ऐसे नाले चिह्नित किए जो दोनों सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी ) से नहीं जुड़े थे और उनका पानी सीधे ताल में गिर रहा था।
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इस्टर्न यूपी रिवर्स एंड वाटर रिजर्वायर मॉनीटरिंग कमेटी लखनऊ के सचिव व पूर्व जिला जज राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एनजीटी की हाई पावर कमेटी ने शनिवार की सुबह पहले जीडीए, जल निगम आदि विभागों के अफसरों से वेट लैंड के बारे में चर्चा की। इसके बाद कमेटी ने पैडलेगंज से लेकर मोहद्दीपुर आरकेबीके, महादेव झारखंडी होते हुए सहारा इस्टेट तक रामगढ़ताल किनारे के 50 मीटर तक के वेट लैंड में हुए निर्माण का जायजा लिया। जीडीए की रिपोर्ट से हर निर्माण का मिलान किया। इसके अलावा रामगढ़ताल में सीधे गिर रहे नालों को भी देखा। करीब 20 ऐसे नाले चिह्नित किए जो दोनों सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी ) से नहीं जुड़े थे और उनका पानी सीधे ताल में गिर रहा था।
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मकान को क्षति नहीं पहुंचाने की अपील
गोरखपुर। सत्यापन के दौरान ही झारखंडी बचाओ समिति के अध्यक्ष बृजपाल सिंह मुन्नू, मंत्री सर्वेष राय के नेतृत्व में 50 मीटर के दायरे में चिह्नित किए गए मकानों में रहने वाले लोगों ने कमेटी से मुलाकात की। उन्होंने इस दायरे में आने वाले मकानों को क्षति नहीं पहुंचाने की अपील की। इसपर कमेटी के सचिव ने बताया कि वे सिर्फ सत्यापन करने आए हैं। यहां से लौटने के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट एनजीटी को दे देगी।
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