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ऑपरेशन से कान की हड्डी ठीक कर लौटाई सुनने की क्षमता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:27 AM IST
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ईएनटी चिकित्सकों ने प्रोजेक्टर और टीवी स्क्रीन पर विशेषज्ञ डॉक्टरों को ऑपरेशन करते हुए लाइव देखा।
- फोटो : amar ujala
गोरखपुर। राजदीप ईएनटी हॉस्पिटल एवं माइक्रोसर्जरी सेंटर में शुक्रवार को ईएनटी चिकित्सकों की प्रदेश इकाई की 35वीं वार्षिक गोष्ठी यूपीकॉन शुरू हुई। कार्यक्रम की शुरुआत सर्जिकल सेशन से हुई। इसमें ईएनटी चिकित्सकों ने प्रोजेक्टर और टीवी स्क्रीन पर विशेषज्ञ डॉक्टरों को ऑपरेशन करते हुए लाइव देखा।
इसके बाद रात में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ‘टेंपोरल बोन डिसेक्शन’ पर कार्यशाला हुई। देश के सुप्रसिद्ध कान, नाक, गला विशेषज्ञ बेंगलुरु डॉ. एच विजयेंद्र तीन दिवसीय इस गोष्ठी के मुख्य अतिथि हैं। आयोजक अध्यक्ष डॉ. वाईसी यादव और सचिव डॉ. राजेश यादव ने पहले सभी अतिथि चिकित्सकों का स्वागत किया, फिर सर्जिकल सेशन हुआ। इस वार्षिक गोष्ठी में देश भर के कई जाने-माने ईएनटी चिकित्सक हिस्सा ले रहे हैं।
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इसके बाद रात में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ‘टेंपोरल बोन डिसेक्शन’ पर कार्यशाला हुई। देश के सुप्रसिद्ध कान, नाक, गला विशेषज्ञ बेंगलुरु डॉ. एच विजयेंद्र तीन दिवसीय इस गोष्ठी के मुख्य अतिथि हैं। आयोजक अध्यक्ष डॉ. वाईसी यादव और सचिव डॉ. राजेश यादव ने पहले सभी अतिथि चिकित्सकों का स्वागत किया, फिर सर्जिकल सेशन हुआ। इस वार्षिक गोष्ठी में देश भर के कई जाने-माने ईएनटी चिकित्सक हिस्सा ले रहे हैं।
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ये है टेंपोरल बोन डिसऑर्डर
सबसे पहले टेंपोरल बोन डिसेक्शन सर्जरी हुई। यह कान की हड्डी होती है। तीन हड्डियां आपस में जुड़कर घोड़े के नाल की तरह रूप ले लेती हैं। इससे मरीज सुनने की क्षमता खोने लगता है। ऑपरेशन से इन हड्डियों को अलग किया जाता है। इससे मरीज के सुनने की क्षमता वापस आ जाती है।
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