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मुहर्रम के जुलूस की तेज हुई तैयारियां
Updated Fri, 22 Sep 2017 09:48 PM IST
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गोरखपुर।
मुहर्रम के जुलूस को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को जहां इमामबाड़े में मियां साहब की अगुवाई में बैठक हुई, वहीं ताजियेदार अपने इमाम चौक पर तैयारियों में जुटे रहे।
कर्बला समेत वहां तक जाने वाले रास्ते पर भी साफ-सफाई का काम हुआ। शिया समुदाय के लोगों ने मजलिस आयोजित की। परंपरागत ढंग से सुबह शहर में पांच इमाम चौकों पर मजलिस हुई। इसमें वक्ताओं ने कर्बला की कुर्बानी पर प्रकाश डाला। शाम को भी पहली मुहर्रम पर इसी तरह की मजलिस हुई। इमामबाड़ा में मियां साहब ने मुतवल्लियों के साथ बैठक की। इसमें मुहर्रम के जुलूस को लेकर चर्चा हुई। समस्याओं पर ध्यान दिलाया गया। बिजली व्यवस्था में सुधार समेत साफ-सफाई के मुद्दे पर प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई।
‘इमाम हुसैन की कुर्बानी ने दीन को बचा लिया’
गोरखपुर । नवासा-ए-रसूल इमाम हुसैन ने मैदान-ए-कर्बला में अपनी और अपने भूखे-प्यासे बच्चों की कुर्बानी पेश कर दुनिया को यही पैगाम दिया कि यजीद जैसे बातिल के सामने कभी झुकना नहीं, जो गलत है उसे गलत कहना चाहिए। ये बातें मदरसा दारूल उलूम हुसैनिया के मुफ्ती अख्तर हुसैन ने मस्जिद गाजी रौजा में ‘जिक्रे शोहादाए कर्बला’ की मजलिस के पहले दिन कहीं। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने जो बेमिसाल कुर्बानी पेश की कयामत तक ऐसी नजीर नहीं मिल पाएगी। इमाम हुसैन की कुर्बानी ने दीन को बचा लिया। मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि जो बुरा है उसकी बुराई दुनिया के सामने पेश करके बुराई को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए चाहे जिस चीज की कुर्बानी देनी पड़े। मुहर्रम का महीना हमें यही संदेश देता है। इस दौरान हाफिज रेयाज अहमद, मोहम्मद आजम, सैयद मेहताब अनवर, औंरगजेब, ताबिश सिद्दीकी, नूर मोहम्मद, शिराज, शहबाज, दबीर सिद्दीकी, मुजीब, मोहसिन खान मौजूद रहे।
मुहर्रम के जुलूस को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को जहां इमामबाड़े में मियां साहब की अगुवाई में बैठक हुई, वहीं ताजियेदार अपने इमाम चौक पर तैयारियों में जुटे रहे।
कर्बला समेत वहां तक जाने वाले रास्ते पर भी साफ-सफाई का काम हुआ। शिया समुदाय के लोगों ने मजलिस आयोजित की। परंपरागत ढंग से सुबह शहर में पांच इमाम चौकों पर मजलिस हुई। इसमें वक्ताओं ने कर्बला की कुर्बानी पर प्रकाश डाला। शाम को भी पहली मुहर्रम पर इसी तरह की मजलिस हुई। इमामबाड़ा में मियां साहब ने मुतवल्लियों के साथ बैठक की। इसमें मुहर्रम के जुलूस को लेकर चर्चा हुई। समस्याओं पर ध्यान दिलाया गया। बिजली व्यवस्था में सुधार समेत साफ-सफाई के मुद्दे पर प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई।
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‘इमाम हुसैन की कुर्बानी ने दीन को बचा लिया’
गोरखपुर । नवासा-ए-रसूल इमाम हुसैन ने मैदान-ए-कर्बला में अपनी और अपने भूखे-प्यासे बच्चों की कुर्बानी पेश कर दुनिया को यही पैगाम दिया कि यजीद जैसे बातिल के सामने कभी झुकना नहीं, जो गलत है उसे गलत कहना चाहिए। ये बातें मदरसा दारूल उलूम हुसैनिया के मुफ्ती अख्तर हुसैन ने मस्जिद गाजी रौजा में ‘जिक्रे शोहादाए कर्बला’ की मजलिस के पहले दिन कहीं। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने जो बेमिसाल कुर्बानी पेश की कयामत तक ऐसी नजीर नहीं मिल पाएगी। इमाम हुसैन की कुर्बानी ने दीन को बचा लिया। मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि जो बुरा है उसकी बुराई दुनिया के सामने पेश करके बुराई को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए चाहे जिस चीज की कुर्बानी देनी पड़े। मुहर्रम का महीना हमें यही संदेश देता है। इस दौरान हाफिज रेयाज अहमद, मोहम्मद आजम, सैयद मेहताब अनवर, औंरगजेब, ताबिश सिद्दीकी, नूर मोहम्मद, शिराज, शहबाज, दबीर सिद्दीकी, मुजीब, मोहसिन खान मौजूद रहे।
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