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विधानसभा में गूंजा आमी का मुद्दा
Updated Wed, 12 Jul 2017 09:02 PM IST
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गोरखपुर।
विधानसभा में बुधवार को चिल्लूपार विधायक विनय शंकर तिवारी ने आमी नदी के प्रदूषण का मुद्दा उठाया। कहा कि गीडा औद्योगिक इकाइयों से आमी दूषित हो रही है। जवाब में संबंधित मंत्री दारा सिंह चौहान ने ऐसी कोई शिकायत न होने की बात कही। इस पर विनय शंकर तिवारी ने प्रति प्रश्न किया।
उन्होंने पूछा कि क्या आपकी जानकारी में है कि राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आमी के पानी की जांच के बाद इसे पीने लायक नहीं घोषित किया था। नेशलन ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 18 लोगों के खिलाफ इसे लेकर कंटेम्पट दाखिल किया। वर्तमान सीएम और बहुत सारे लोग आमी बचाओ आंदोलन से जुड़े रहे। विधायक ने कहा कि आमी ऐतिहासिक नदी है। इसका जिक्र 3000 वर्ष पुराने अभिलेख ‘सहगौरा लेख’ व बौद्ध अभिलेखों में भी है। इसके प्रदूषित होने से न केवल स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ा है बल्कि पीने के पानी की समस्या भी खड़ी हो गई। इससे राप्ती भी प्रदूषित हो रही है, जो अंत में गंगा को भी दूषित कर रही है। इसके बाद मंत्री ने स्वीकार किया और बताया कि इसे लेकर चार लोगों के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया है और कार्रवाई हो रही है।
विधानसभा में बुधवार को चिल्लूपार विधायक विनय शंकर तिवारी ने आमी नदी के प्रदूषण का मुद्दा उठाया। कहा कि गीडा औद्योगिक इकाइयों से आमी दूषित हो रही है। जवाब में संबंधित मंत्री दारा सिंह चौहान ने ऐसी कोई शिकायत न होने की बात कही। इस पर विनय शंकर तिवारी ने प्रति प्रश्न किया।
उन्होंने पूछा कि क्या आपकी जानकारी में है कि राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आमी के पानी की जांच के बाद इसे पीने लायक नहीं घोषित किया था। नेशलन ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 18 लोगों के खिलाफ इसे लेकर कंटेम्पट दाखिल किया। वर्तमान सीएम और बहुत सारे लोग आमी बचाओ आंदोलन से जुड़े रहे। विधायक ने कहा कि आमी ऐतिहासिक नदी है। इसका जिक्र 3000 वर्ष पुराने अभिलेख ‘सहगौरा लेख’ व बौद्ध अभिलेखों में भी है। इसके प्रदूषित होने से न केवल स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ा है बल्कि पीने के पानी की समस्या भी खड़ी हो गई। इससे राप्ती भी प्रदूषित हो रही है, जो अंत में गंगा को भी दूषित कर रही है। इसके बाद मंत्री ने स्वीकार किया और बताया कि इसे लेकर चार लोगों के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया है और कार्रवाई हो रही है।
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