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एईएस के प्रकोप से स्वास्थ्य महकमा सतर्क

Mon, 19 Jun 2017 12:27 AM IST
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:27 AM IST
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एईएस के प्रकोप से स्वास्थ्य महकमा सतर्क
महराजगंज। जिले में एईएस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल में ही एईएस (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) से पीड़ित चार बच्चे भर्ती हैं। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया है। समुचित इलाज के लिए एईएस वार्ड में डॉक्टरों की टीम तैनात कर दी गई। पीड़ितों के गांव वाले अपने बच्चों को लेकर सकते में हैं। इन गांवों में न तो फॉगिंग कीरई गई है और न ही साफ-सफाई के इंतजाम हैं।
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रविवार को जिला संयुक्त अस्पताल में एईएस के मरीजों की संख्या 4 हो गई है। जिले के अलग अलग जगहों से चार मरीज भर्ती मिले जो बुखार, के साथ झटके से प्रभावित है। पूछे जाने पर मरीजों के परिजनों ने बताया की गांव के डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाए गए। इनका इलाज चल रहा है। एईएस से प्रभावित प्रिंस उम्र 6 साल है। यह कुशीनगर जिले के इंदरपुर गांव के रहने वाले हैं। इनके पिता राजू निचलौल क्षेत्र के लमुहां टोला ससुराल आए। यहीं इनका बेटा प्रिंस एईएस की चपेट में आ गया। उसे पहले तो सीएचसी निचलौल में भर्ती कराया गया लेकिन वहां हालत में सुधार नही हुआ तो शनिवार को जिला अस्पताल भेज दिया गया। रजवल गांव से आए आठ माह के अभय को बुखार आने पर शुक्रवार को जिला अस्पताल लाया गया। परिजनों ने बताया कि 8 दिन से बुखार आ रहा था जिसे लेकर स्थानीय डाक्टर से इलाज हुआ और राहत न मिले पर जिला अस्पताल में लाया गया।
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तीन साल की समर भी एईएस से पीड़ित है। निचलौल क्षेत्र के रेगहीयां गांव से आए हैं। सिन्दुरियां गांव से आए चार वर्षीय अनुराग एईएस से प्रभावित है। इन सभी का इलाज जिला अस्पताल में हो रहा है। मासूमों के परिजन साथ में हैं। उन्हें मलाल है कि समय रहते गांव में फॉगिंग करा दी गई होती तो मासूूमों की यह हालत न होती।
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सीएमएस डॉ. आरबी राम ने कहा कि चार मरीज एईएस से प्रभावित अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। उनके द्वारा समय समय पर बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। एक बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। एईएस को लेकर अस्पताल प्रशासन सजग है।
न हुआ फागिंग न दवाओं का छिडकाव
महराजगंज। जिला अस्पताल में चार मरीज एईएस से प्रभावित भर्ती है। उनका इलाज चल रहा है। निचलौल क्षेत्र के लमुंहा और रेंगहियां, सदर तहसील क्षेत्र के रजवल, सिन्दुरियां गांव से बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। इन गांवों रहने वाले लोग परेशान है कि कही एईएस का प्रभाव बढते बढते जेई का रूप ने धारण कर ले। गांव के लोगो की माने तो फागिंग हुई ही नहीं। इसके अलावा मच्छर निरोधी दवाओं का छिडकाव भी नहीं हुआ है। गांव में साफ सफाई का आभाव है। इस दिशा में ध्यान नही दिया जा रहा है।

सीएमओ डा. आरके तिवारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम संबधित गांव में भेजी जाएगी। वहां लोगो को स्वच्छता को लेकर जागरूक किया जाएगा। गांव में फागिंग विशेष रूप कराने की व्यवस्था होगी।

जिला अस्पताल में एईएस के मरीजों की संख्या चार हुई
सतत निगरानी कर रही डॉक्टरों की टीम: सीएमएस
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