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अब शताब्दी और राजधानी में भी आरपीएफ एस्कॉर्ट को सीट
Mon, 25 Feb 2019 11:51 PM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Mon, 25 Feb 2019 11:51 PM IST
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राजन राय
गोरखपुर। अब राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस में आरपीएफ एस्कॉर्ट को आराम करने के लिए एक-एक सीट दी जाएगी। शताब्दी एक्सप्रेस के चेयरकार में एक सीट और राजधानी एक्सप्रेस के पेंट्रीकार में एक बर्थ आरपीएफ के लिए आरक्षित की जाएगी। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर पैसेंजर मार्केटिंग शैली श्रीवास्तव ने 28 जनवरी को सभी जोन मुख्यालयों को निर्देश जारी किया है।
टीटीई के लिए स्लीपर और एसी कोच में एक-एक बर्थ आरक्षित किया जाता है। लेकिन आरपीएफ एस्कॉर्ट के लिए सिर्फ स्लीपर कोच में बर्थ आवंटित होते हैं। राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस में यह व्यवस्था नहीं होने से आरपीएफ जवानों को काफी दिक्कत होती है। कई बार यात्रियों से अनुरोध कर कृपापात्र बनकर सीट पर बैठते हैं। लगातार चलते रहने से उन्हें आराम करने को भी नहीं मिलता है।
इसको देखते हुए रेलवे बोर्ड ने अब इन दोनों ट्रेनों में एक-एक स्थान आरक्षित करने का निर्णय लिया है। नए नियम के मुताबिक शताब्दी एक्सप्रेस में कोच सी-4 में सीट नंबर एक और राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकर में एक बर्थ की व्यवस्था की जाएगी।
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गोरखपुर। अब राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस में आरपीएफ एस्कॉर्ट को आराम करने के लिए एक-एक सीट दी जाएगी। शताब्दी एक्सप्रेस के चेयरकार में एक सीट और राजधानी एक्सप्रेस के पेंट्रीकार में एक बर्थ आरपीएफ के लिए आरक्षित की जाएगी। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर पैसेंजर मार्केटिंग शैली श्रीवास्तव ने 28 जनवरी को सभी जोन मुख्यालयों को निर्देश जारी किया है।
टीटीई के लिए स्लीपर और एसी कोच में एक-एक बर्थ आरक्षित किया जाता है। लेकिन आरपीएफ एस्कॉर्ट के लिए सिर्फ स्लीपर कोच में बर्थ आवंटित होते हैं। राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस में यह व्यवस्था नहीं होने से आरपीएफ जवानों को काफी दिक्कत होती है। कई बार यात्रियों से अनुरोध कर कृपापात्र बनकर सीट पर बैठते हैं। लगातार चलते रहने से उन्हें आराम करने को भी नहीं मिलता है।
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इसको देखते हुए रेलवे बोर्ड ने अब इन दोनों ट्रेनों में एक-एक स्थान आरक्षित करने का निर्णय लिया है। नए नियम के मुताबिक शताब्दी एक्सप्रेस में कोच सी-4 में सीट नंबर एक और राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकर में एक बर्थ की व्यवस्था की जाएगी।
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