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सख्ती हो पर व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं: एसआईसी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 30 Oct 2017 08:11 PM IST
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अधिकारियो के साथ बैठक करते चुनाव आयुक्त।
- फोटो : Amar Ujala
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देवीपाटन, बस्ती और गोरखपुर मंडल के निकाय चुनाव की तैयारियों की जानकारी लेने सोमवार को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) सभागार पहुंचे राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने पुलिस, प्रशासनिक अफसरों से साफ कहा कि सख्ती की जाए लेकिन किसी का उत्पीड़न न हो। कैश लेकर चलने की लिमिट अभी तय नहीं की गई है। व्यापारी आसानी से कैश बैंक में जमा करा सकेंगे। कैश के साथ आने-जाने की छूट रहेगी, लेकिन आचार संहिता का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। चुनाव खर्च पर डीएम, सीडीओ और कोषाधिकारी की कमेटी निगाह रखेगी। जांच-पड़ताल भी होगी लेकिन आम जनता को परेशान नहीं किया जाएगा।
चुनाव तैयारियों की समीक्षा के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त ने जीडीए सभागार में प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं को अफसर गंभीरता से लें ताकि बड़ी घटनाओं की गुंजाइश से बचा जा सके । 2015 में हुए पंचायत चुनाव की तुलना में आज प्रदेश की कानून व्यवस्था काफी बेहतर है। जघन्य अपराधों और बड़े अपराधियों के खिलाफ सभी जिलों में प्रभावी कार्रवाई की गई है। उन्होंने इसके लिए अफसरों की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि हार्ड क्रिमिनल पर और सख्त कार्रवाई की जरूरत है। डीएम, एडीएम कोर्ट में गुंडा एक्ट के तमाम मामले लंबित हैं। इनके निस्तारण में तेजी लाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि अवैध शराब और अवैध शस्त्रों का निर्माण या बिक्री न हो। किसी भी व्यक्ति पर चुनाव के दौरान अराजकता फैलाने का संदेह हो तो उसे तत्काल पाबंद किया जाए। होटल और धर्मशालाओं पर नजर रखी जाए। सांप्रदायिक और जातिगत हिंसा पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं की जानी चाहिए। गैर जमानती वारंट जारी किए जाएं। कोशिश हो कि किसी पर भी गलत कार्रवाई न हो। ऐसी कार्रवाई पर ही तनाव बढ़ता है।
इस दौरान अपर निर्वाचन आयुक्त, एडीजी लॉ एंड आर्डर, गोरखपुर मंडल के कमिश्नर अनिल कुमार, आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी नीलाब्जा चौधरी, डीएम राजीव रौतेला और एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, बस्ती और देवीपाटन मंडल के कमिश्नर, डीएम और एसएसपी मौजूद रहे।
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ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि अतिसंवेदनशील बूथों की वेब कास्टिंग कराने के साथ ही ड्रोन से भी उनकी निगरानी कराई जाए। उन्होंने प्रशासन और पुलिस को आश्वस्त किया कि जितने भी ड्रोन कैमरों की जरूरत हो, उन्हें मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी निकायों के कुल बूथ के 10 फीसदी अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे जाएंगे। इनका निर्धारण समीक्षा के बाद डीएम और एसएसपी करेंगे।
48 घंटे पहले सील होगी नेपाल, बिहार सीमा
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिए कि निकाय चुनाव के तहत मतदान के 48 घंटे पहले नेपाल एवं बिहार की सीमा सील कर दी जाए। बाहर से शहर आने वाले हर शख्स पर नजर रखी जाए।
बंद रहेंगी शराब की दुकानें
शराब की दुकानें भी मतदान के 48 घंटे पहले तथा मतगणना के एक दिन पहले शाम पांच बजे से लेकर अगले दिन तक बंद रखी जाएं।
वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि मतदान या मतगणना वाले दिन वाहनों के संचालन पर किसी तरह की रोक नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति बूथों के 100 मीटर के दायरे तक वाहनों से जा सकता है।
नामांकन की आखिरी तिथि तक बन सकेंगे वोटर
जिन लोगों ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के फार्म पहले से जमा किए हैं, उन्हें वोटर बनाने का विकल्प उपलब्ध है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि नामांकन की आखिरी डेट (6 नवंबर) तक ऐसे मतदाताओं के नाम लिस्ट में शामिल किए जा सकते हैं। इसका अधिकार जिला निर्वाचन अधिकारी के पास सुरक्षित है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के नए आवेदन फार्म अब नहीं स्वीकार किए जाएंगे।
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चुनाव तैयारियों की समीक्षा के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त ने जीडीए सभागार में प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं को अफसर गंभीरता से लें ताकि बड़ी घटनाओं की गुंजाइश से बचा जा सके । 2015 में हुए पंचायत चुनाव की तुलना में आज प्रदेश की कानून व्यवस्था काफी बेहतर है। जघन्य अपराधों और बड़े अपराधियों के खिलाफ सभी जिलों में प्रभावी कार्रवाई की गई है। उन्होंने इसके लिए अफसरों की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि हार्ड क्रिमिनल पर और सख्त कार्रवाई की जरूरत है। डीएम, एडीएम कोर्ट में गुंडा एक्ट के तमाम मामले लंबित हैं। इनके निस्तारण में तेजी लाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि अवैध शराब और अवैध शस्त्रों का निर्माण या बिक्री न हो। किसी भी व्यक्ति पर चुनाव के दौरान अराजकता फैलाने का संदेह हो तो उसे तत्काल पाबंद किया जाए। होटल और धर्मशालाओं पर नजर रखी जाए। सांप्रदायिक और जातिगत हिंसा पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं की जानी चाहिए। गैर जमानती वारंट जारी किए जाएं। कोशिश हो कि किसी पर भी गलत कार्रवाई न हो। ऐसी कार्रवाई पर ही तनाव बढ़ता है।
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इस दौरान अपर निर्वाचन आयुक्त, एडीजी लॉ एंड आर्डर, गोरखपुर मंडल के कमिश्नर अनिल कुमार, आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी नीलाब्जा चौधरी, डीएम राजीव रौतेला और एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, बस्ती और देवीपाटन मंडल के कमिश्नर, डीएम और एसएसपी मौजूद रहे।
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ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि अतिसंवेदनशील बूथों की वेब कास्टिंग कराने के साथ ही ड्रोन से भी उनकी निगरानी कराई जाए। उन्होंने प्रशासन और पुलिस को आश्वस्त किया कि जितने भी ड्रोन कैमरों की जरूरत हो, उन्हें मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी निकायों के कुल बूथ के 10 फीसदी अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे जाएंगे। इनका निर्धारण समीक्षा के बाद डीएम और एसएसपी करेंगे।
48 घंटे पहले सील होगी नेपाल, बिहार सीमा
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिए कि निकाय चुनाव के तहत मतदान के 48 घंटे पहले नेपाल एवं बिहार की सीमा सील कर दी जाए। बाहर से शहर आने वाले हर शख्स पर नजर रखी जाए।
बंद रहेंगी शराब की दुकानें
शराब की दुकानें भी मतदान के 48 घंटे पहले तथा मतगणना के एक दिन पहले शाम पांच बजे से लेकर अगले दिन तक बंद रखी जाएं।
वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि मतदान या मतगणना वाले दिन वाहनों के संचालन पर किसी तरह की रोक नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति बूथों के 100 मीटर के दायरे तक वाहनों से जा सकता है।
नामांकन की आखिरी तिथि तक बन सकेंगे वोटर
जिन लोगों ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के फार्म पहले से जमा किए हैं, उन्हें वोटर बनाने का विकल्प उपलब्ध है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि नामांकन की आखिरी डेट (6 नवंबर) तक ऐसे मतदाताओं के नाम लिस्ट में शामिल किए जा सकते हैं। इसका अधिकार जिला निर्वाचन अधिकारी के पास सुरक्षित है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के नए आवेदन फार्म अब नहीं स्वीकार किए जाएंगे।