{"_id":"59623f8f4f1c1b0a078b461d","slug":"11499611023-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएसबी को मिलेगी 100 एकड़ जमीन : सीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएसबी को मिलेगी 100 एकड़ जमीन : सीएम
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 09 Jul 2017 08:51 PM IST
विज्ञापन
कौशल विकास मिशन के कार्यक्रम में एसएसबी की डीजी अर्चना रामा सीएम को स्मृति चिह्न देती हुईं।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को गोरखपुर में यूपी सरकार 100 एकड़ जमीन देगी। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका एलान किया। कौशल विकास योजना के शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लेने एसएसबी परिसर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर से एसएसबी की शिफ्टिंग नहीं होगी। शासन स्तर पर जो फाइलें लंबित हैं, उनका निपटारा प्राथमिकता पर कराया जाएगा। खाद कारखाने के निर्माण के बाद भूमि देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा में सुरक्षा, सद्भावना के साथ रचनात्मक कार्यक्रम का जिम्मा भी एसएसबी ने उठाया है। भारत-नेपाल के बीच संबंधों को बनाए रखने में इस फोर्स की बड़ी भूमिका है। नागरिकों का विश्वास जीतकर ही संबंधों को आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि आप पब्लिक फ्रेंडली होंगे तो ज्यादा सूचनाएं आएंगी। घुसपैठ की भी सटीक शिकायतें मिलेंगी। इनकी मदद से नेपाल के रास्ते भारत के खिलाफ कुचक्र रचने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकेगा। एसएसबी के जवान अपनी बेहतर सेवा दे रहे हैं। भारत-नेपाल दो शरीर एक आत्मा की तरह हैं। इनके साझा संबंध को बनाए रखने के साथ और बेहतर करने में एसएसबी की भूमिका सराहनीय रही। अटल सरकार ने जब इसकी स्थापना की तो बहुत से लोगों ने विरोध भी किया था लेकिन जवानों ने बेहतर काम करके सबका मुंह बंद कर दिया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा में सुरक्षा, सद्भावना के साथ रचनात्मक कार्यक्रम का जिम्मा भी एसएसबी ने उठाया है। भारत-नेपाल के बीच संबंधों को बनाए रखने में इस फोर्स की बड़ी भूमिका है। नागरिकों का विश्वास जीतकर ही संबंधों को आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि आप पब्लिक फ्रेंडली होंगे तो ज्यादा सूचनाएं आएंगी। घुसपैठ की भी सटीक शिकायतें मिलेंगी। इनकी मदद से नेपाल के रास्ते भारत के खिलाफ कुचक्र रचने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकेगा। एसएसबी के जवान अपनी बेहतर सेवा दे रहे हैं। भारत-नेपाल दो शरीर एक आत्मा की तरह हैं। इनके साझा संबंध को बनाए रखने के साथ और बेहतर करने में एसएसबी की भूमिका सराहनीय रही। अटल सरकार ने जब इसकी स्थापना की तो बहुत से लोगों ने विरोध भी किया था लेकिन जवानों ने बेहतर काम करके सबका मुंह बंद कर दिया।
विज्ञापन