{"_id":"59c539894f1c1b38688b5d13","slug":"111506097545-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नरकटियागंज रूट पर कटान तेज, ट्रेनें रोकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नरकटियागंज रूट पर कटान तेज, ट्रेनें रोकी
Updated Fri, 22 Sep 2017 09:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। बिहार में आई बाढ़ से गोरखपुर नरकटियागंज रेलखंड के चमुआ स्टेशन के पास कटान तेज होने से ट्रेनों की आवाजाही एक बार फिर प्रभावित हो गई है। गुरुवार की देर रात इस रूट पर ब्लॉक लेकर काम शुरू करा दिया गया। शुक्रवार की शाम चार बजे ट्रेनों की आवाजाही कॉसन पर शुरू हो सकी। इसके चलते सत्याग्रह एक्सप्रेस करीब चार घंटे और सप्तक्रांति एक्सप्रेस एक घंटे विलंब हो गई। इस रूट पर मालगाड़ी की आवाजाही अभी बंद है और पैसेंजर ट्रेनों को पनियहवा तक ही चलाया जा रहा है।
बाढ़ से नरकटियागंज रेलखंड पर करीब 20 दिनों तक ट्रेनों की आवाजाही बंद थी। बाढ़ का असर कम होते ही ट्रेनें इस रूट चलनी शुरू हुई तो तीसरे दिन मालगाड़ी का एक वैगन चमुआ स्टेशन पर धंस गया। इससे सभी ट्रेनों को डायवर्ट कर सीवान, छपरा के रास्ते से चलाया गया। रेलवे ट्रैक को ठीक कराकर ट्रेनें चलनी फिर शुरू हुई थी कि कटान तेज होने से गुरुवार की रात 12 बजे ट्रेनों की आवाजाही फिर रोक दी गई। इसके चलते सत्याग्रह एक्सप्रेस को रक्सौल से ही चार घंटे की देरी चली। जबकि सप्तक्रांति एक्सप्रेस एक घंटे लेट चली।
बाढ़ से नरकटियागंज रेलखंड पर करीब 20 दिनों तक ट्रेनों की आवाजाही बंद थी। बाढ़ का असर कम होते ही ट्रेनें इस रूट चलनी शुरू हुई तो तीसरे दिन मालगाड़ी का एक वैगन चमुआ स्टेशन पर धंस गया। इससे सभी ट्रेनों को डायवर्ट कर सीवान, छपरा के रास्ते से चलाया गया। रेलवे ट्रैक को ठीक कराकर ट्रेनें चलनी फिर शुरू हुई थी कि कटान तेज होने से गुरुवार की रात 12 बजे ट्रेनों की आवाजाही फिर रोक दी गई। इसके चलते सत्याग्रह एक्सप्रेस को रक्सौल से ही चार घंटे की देरी चली। जबकि सप्तक्रांति एक्सप्रेस एक घंटे लेट चली।
विज्ञापन