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वाह रे पुलिस, दिव्यांग का ही शांतिभंग में पाबंद
Sat, 20 Apr 2019 01:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Apr 2019 01:35 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। बेलीपार पुलिस को अब दिव्यांग से भी शांतिभंग की आशंका है। तभी तो उसने एक दिव्यांग को शांतिभंग में पाबंद कर दिया। पीड़ित ने जब सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा किया तो बेलीपार पुलिस का यह कारनामा सामने आया। अब पुलिस कह रही है कि सिपाही से गलती हो गई। मजिस्ट्रेट से कहकर दिव्यांग का नाम हटवाया जाएगा।
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस अवांछनीय तत्वों को शांतिभंग में पाबंद कर रही है। थाना पुलिस नंबर बढ़ाने के चक्कर में बिना सोचे-समझे ही कार्रवाई कर रही है। इसका एक उदाहरण देखने को मिला। जब पुलिस ने बेलीपार के ककराखोर निवासी जयपाल (45) शांतिभंग में पाबंद कर दिया। जयपाल चार वर्ष पहले सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उनका एक पैर काटना पड़ा था। इस बीच उन्हें पता चला कि उन्हें शंातिभंग में पाबंद किया गया है। इसके बाद से ही वह पुलिस की कार्यप्रणाली से परेशान थे।
शुक्रवार को उन्होंने फेसबुक पर अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि बेलीपार पुलिस ने चुनाव शांतिभंग में मुझे पाबंद किया है। जब मेरे दोनों पैर थे तब कभी शांतिभंग की आशंका नहीं हुई। अब चार साल पहले एक पैर कटने के बाद पुलिस को शांतिभंग का डर है। वह आगे लिखते हैं कि एक तरफ चुनाव आयोग दिव्यांग को मतदान कराने के लिए प्रयास कर रही है, वहीं पुलिस को उनसे डर लग रहा है। जबकि मेरे खिलाफ कोई केस नहीं दर्ज है। इस मामले में बेलीपार एसओ संतोष कुमार सिंह ने कहा कि हल्का सिपाही विनय सिंह की गलती से ऐसा हुआ है। पीड़ित को जमानत न कराने को कहा है। सिपाही को भी नोटिस भेज कर जवाब मांगा जाएगा। मजिस्ट्रेट से सिफारिश कर दिव्यांग का नाम निकलवाया जाएगा।
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पूरे मामले की जांच सीओ बांसगांव नीतेश सिंह को दी गई है। मामला गंभीर है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ सुनील गुप्ता, एसएसपी
नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
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लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस अवांछनीय तत्वों को शांतिभंग में पाबंद कर रही है। थाना पुलिस नंबर बढ़ाने के चक्कर में बिना सोचे-समझे ही कार्रवाई कर रही है। इसका एक उदाहरण देखने को मिला। जब पुलिस ने बेलीपार के ककराखोर निवासी जयपाल (45) शांतिभंग में पाबंद कर दिया। जयपाल चार वर्ष पहले सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उनका एक पैर काटना पड़ा था। इस बीच उन्हें पता चला कि उन्हें शंातिभंग में पाबंद किया गया है। इसके बाद से ही वह पुलिस की कार्यप्रणाली से परेशान थे।
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शुक्रवार को उन्होंने फेसबुक पर अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि बेलीपार पुलिस ने चुनाव शांतिभंग में मुझे पाबंद किया है। जब मेरे दोनों पैर थे तब कभी शांतिभंग की आशंका नहीं हुई। अब चार साल पहले एक पैर कटने के बाद पुलिस को शांतिभंग का डर है। वह आगे लिखते हैं कि एक तरफ चुनाव आयोग दिव्यांग को मतदान कराने के लिए प्रयास कर रही है, वहीं पुलिस को उनसे डर लग रहा है। जबकि मेरे खिलाफ कोई केस नहीं दर्ज है। इस मामले में बेलीपार एसओ संतोष कुमार सिंह ने कहा कि हल्का सिपाही विनय सिंह की गलती से ऐसा हुआ है। पीड़ित को जमानत न कराने को कहा है। सिपाही को भी नोटिस भेज कर जवाब मांगा जाएगा। मजिस्ट्रेट से सिफारिश कर दिव्यांग का नाम निकलवाया जाएगा।
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पूरे मामले की जांच सीओ बांसगांव नीतेश सिंह को दी गई है। मामला गंभीर है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ सुनील गुप्ता, एसएसपी
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