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‘लोकरंग’ में भोजपुरी के सितारों से जगमगा उठी शाम
Sun, 13 Jan 2019 01:21 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Sun, 13 Jan 2019 01:21 AM IST
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महोत्सव में शिरकत करने आईं शरदा सिन्हा ने अपराजिता मुहिम का पोस्टर रिलीज किया।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव में शनिवार की शाम पद्मभूषण शारदा सिन्हा के झूमर से झूम उठी। ‘पनिया के जहाज...’ के जरिए उन्होंने भोजपुरी सुरों के सागर में श्रोताओं को नहला दिया। ‘पटना से वैदा बुलाई दा...’ गाकर शारदा सिन्हा ने श्रोताओं को मगन कर दिया। शारदा के सुरीले सफर में ‘अमवा महुअवा के झूमे डलिया...’ गीत पर लोग प्रकृति से जुड़कर खुद भी झूमने लगे। ‘का लेके शिव के मनाइब हो शिव मानत नाहीं...’ गाकर शारदा सिन्हा ने सबको भक्ति सरिता में गोते लगवा दिए।
इससे पहले कुशीनगर के रहने वाले लोक गायक सुरेश कुशवाहा ने ‘कौने रहिया आवे माई के रथिया...’ देवी गीत से शुरुआत की। ‘आंगनिया में बबूरा लगइबअ त कइसे के आम हो जाइ...’ से सुरेश कुशवाहा ने लोगों को सार्थक संदेश दिया। ‘पांव में पयलिया सोहे हाथ में कंगनवा...’ गाया तो लोग झूम उठे। ‘गोरखपुर में घर बा त कौने बात के डर बा...’ सुनाकर सुरेश ने गोरखपुरवासियों में जोश भर दिया। बालेश्वर यादव का गीत ‘दुनियावाले हमके कहेला बिहारी मितवा...’ सुनाकर उन्होंने मुंबई में रहने वाले पूर्वांचलवासियों की पीड़ा बयां की। उनके साथ गायिका जया ने ‘हम कोइलरिया न जाइब हे ललमुनिया के माई...’ युगल गीत सुनाकर लोगों को झूमा दिया। वाद्य यंत्रों पर संगत रवि कुमार, लालधर वर्मा, सूरज कुमार और शहनवाज हुसैन ने दी।
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इससे पहले कुशीनगर के रहने वाले लोक गायक सुरेश कुशवाहा ने ‘कौने रहिया आवे माई के रथिया...’ देवी गीत से शुरुआत की। ‘आंगनिया में बबूरा लगइबअ त कइसे के आम हो जाइ...’ से सुरेश कुशवाहा ने लोगों को सार्थक संदेश दिया। ‘पांव में पयलिया सोहे हाथ में कंगनवा...’ गाया तो लोग झूम उठे। ‘गोरखपुर में घर बा त कौने बात के डर बा...’ सुनाकर सुरेश ने गोरखपुरवासियों में जोश भर दिया। बालेश्वर यादव का गीत ‘दुनियावाले हमके कहेला बिहारी मितवा...’ सुनाकर उन्होंने मुंबई में रहने वाले पूर्वांचलवासियों की पीड़ा बयां की। उनके साथ गायिका जया ने ‘हम कोइलरिया न जाइब हे ललमुनिया के माई...’ युगल गीत सुनाकर लोगों को झूमा दिया। वाद्य यंत्रों पर संगत रवि कुमार, लालधर वर्मा, सूरज कुमार और शहनवाज हुसैन ने दी।
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बेटी सोहर ने किया लोगों को भावुक
अयोध्या की संजोली पांडेय ने ‘बाबा गोरखनाथ के दरस करा द...’ सुनाकर गोरखनाथ की धरती को नमन किया। उन्होंने ‘पढ़िया लिखिया कौनो भाषा बतियइहा भोजपुरी में...’ गाकर भोजपुरी के संरक्षण की अलख जगाई। ‘पिया मेहंदी लेया द मोती झील से...’ कजरी सुनाकर संजोली लोगों को प्रेम रस से सराबोर कर दिया। ‘काटीं सोना और चनिया चला ए मोर धनिया...’ कटनी गीत से उन्होंने लोगों को गांव की माटी से जोड़ दिया। बेटी सोहर पर उनके साथ ‘धरोहर ग्रुप’ के कलाकारों ने भाव नृत्य पेश करके बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की अलख जगाकर लोगों को भावविभोर कर दिया। ‘बड़ा नीक लागे इंडिया...’, ‘सजन राजधानी पकड़ के आ जइयो...’ आदि गीतों से उन्होंने लोगों का खूब मनोरंजन किया। वाद्य यंत्रों पर संगत सचिन कुमार, अमित कुमार, राहुल, मुकेश मधुकर, कमाल आदि ने दी।
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