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डीपीआरओ ने वापस मंगाया पैसा
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:32 PM IST
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मेंहदावल, सांथा में पात्र लाभार्थी नहीं, वापस मंगाई रकम
बैंक पहुंचे प्रधान तो उड़ गए उनके होश
अमर उजाला ब्यूरो
मेंहदावल। सांथा और मेंहदावल ब्लॉक में बेसलाइन सर्वे 2012 के तहत शौचालयों के लिए पात्र लाभार्थी न मिलने के कारण ग्राम पंचायतों में भेजी गई रकम वापस मंगा ली गई है। इससे संबंधित ग्राम प्रधानों के होश उड़ गए हैं। उधर, जिम्मेदारों का कहना है कि रकम वापिस होने जिले को ओडीएफ घोषित करने में दिक्कत हो सकती है।
डीपीआरओ ने मेंहदावल ब्लॉक के ग्राम पंचायतों से संबंधित बैंकों में 10 सितंबर पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि सात सितंबर को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के लिए इलाहाबाद बैंक की शाखा खलीलाबाद के जरिए मेंहदावल व सांथा के ग्राम पंचायतों के खाते में धनराशि भेजी गई थी, लेकिन मेंहदावल और सांथा ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में बेसलाइन सर्वे 2012 के अनुसार पात्र लाभार्थियों की उपलब्धता न होने से रकम इलाहाबाद बैंक खलीलाबाद को वापस की जाए। इस पत्र के मद्देनजर जब बैंकों ने ग्राम निधि खाते से धन हस्तांतरित किया तो सचिवों व ग्राम प्रधानों के होश उड़ गए। संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधान बैंकों में पहुंचने लगे। प्रधानों को चिंता सता रही है कि तमाम गांवों में अभी शौचालयों के निर्माण पूरे नहीं हो पाए हैं। धन की कमी से शौचालयों के निर्माण अभी पूरे नहीं हो सके हैं। ऐसे में दो अक्टूबर तक शौचालयों के निर्माण कैसे पूरे हो पाएंगे।
इस संबंध में डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी का कहना है कि धन वापस कराने के लिए मेंहदावल व सांथा के बैंकों में पत्र भेजा गया है। मेंहदावल व सांथा ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में बेसलाइन सर्वे 2012 के अनुसार पात्र लाभार्थियों की उपलब्धता न होने के कारण ऐसा किया गया है ।
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बैंक पहुंचे प्रधान तो उड़ गए उनके होश
अमर उजाला ब्यूरो
मेंहदावल। सांथा और मेंहदावल ब्लॉक में बेसलाइन सर्वे 2012 के तहत शौचालयों के लिए पात्र लाभार्थी न मिलने के कारण ग्राम पंचायतों में भेजी गई रकम वापस मंगा ली गई है। इससे संबंधित ग्राम प्रधानों के होश उड़ गए हैं। उधर, जिम्मेदारों का कहना है कि रकम वापिस होने जिले को ओडीएफ घोषित करने में दिक्कत हो सकती है।
डीपीआरओ ने मेंहदावल ब्लॉक के ग्राम पंचायतों से संबंधित बैंकों में 10 सितंबर पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि सात सितंबर को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के लिए इलाहाबाद बैंक की शाखा खलीलाबाद के जरिए मेंहदावल व सांथा के ग्राम पंचायतों के खाते में धनराशि भेजी गई थी, लेकिन मेंहदावल और सांथा ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में बेसलाइन सर्वे 2012 के अनुसार पात्र लाभार्थियों की उपलब्धता न होने से रकम इलाहाबाद बैंक खलीलाबाद को वापस की जाए। इस पत्र के मद्देनजर जब बैंकों ने ग्राम निधि खाते से धन हस्तांतरित किया तो सचिवों व ग्राम प्रधानों के होश उड़ गए। संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधान बैंकों में पहुंचने लगे। प्रधानों को चिंता सता रही है कि तमाम गांवों में अभी शौचालयों के निर्माण पूरे नहीं हो पाए हैं। धन की कमी से शौचालयों के निर्माण अभी पूरे नहीं हो सके हैं। ऐसे में दो अक्टूबर तक शौचालयों के निर्माण कैसे पूरे हो पाएंगे।
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इस संबंध में डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी का कहना है कि धन वापस कराने के लिए मेंहदावल व सांथा के बैंकों में पत्र भेजा गया है। मेंहदावल व सांथा ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में बेसलाइन सर्वे 2012 के अनुसार पात्र लाभार्थियों की उपलब्धता न होने के कारण ऐसा किया गया है ।
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