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नगर निगम में सरकार पर बरसे लेखपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:18 AM IST
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नगर निगम पार्क में लेखपालों ने प्रदर्शन किया।
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गोरखपुर। जिले भर के लेखपाल सोमवार को नगर निगम स्थित लक्ष्मीबाई पार्क में जुटे और शाम तक प्रदर्शन किया। उन्होंने वेतन विसंगति दूर करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की। उसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा।
लेखपालों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक सभी तहसीलों के लेखपाल जिला मुख्यालय यानी नगर निगम के पार्क में रोजाना धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध जताएंगे। लेखपालों की हड़ताल के सात दिन हो गए। शनिवार तक वे अपनी-अपनी तहसीलों में धरना दे रहे थे।
सोमवार को जिले की सातों तहसीलों के सैकड़ों लेखपाल नगर निगम में एकत्रित हुए। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठधर दूबे और मंत्री जगदीश का कहना है कि उनका संगठन अनुशासित है। 2016 से ही उनकी मांगे लंबित हैं, मगर सरकार उस पर विचार नहीं कर रही है। नई सरकार से उन्हें काफी उम्मीदें थीं, मगर उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया गया। मजबूर होकर एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। उधर लेखपालों की हड़ताल से लोगों को दिक्कत हो रही है। सबसे ज्यादा परेशान वे हैं, जिन्हें जाति, आय समेत अन्य प्रमाण पत्रों की जरूरत है।
लेखपालों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक सभी तहसीलों के लेखपाल जिला मुख्यालय यानी नगर निगम के पार्क में रोजाना धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध जताएंगे। लेखपालों की हड़ताल के सात दिन हो गए। शनिवार तक वे अपनी-अपनी तहसीलों में धरना दे रहे थे।
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सोमवार को जिले की सातों तहसीलों के सैकड़ों लेखपाल नगर निगम में एकत्रित हुए। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठधर दूबे और मंत्री जगदीश का कहना है कि उनका संगठन अनुशासित है। 2016 से ही उनकी मांगे लंबित हैं, मगर सरकार उस पर विचार नहीं कर रही है। नई सरकार से उन्हें काफी उम्मीदें थीं, मगर उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया गया। मजबूर होकर एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। उधर लेखपालों की हड़ताल से लोगों को दिक्कत हो रही है। सबसे ज्यादा परेशान वे हैं, जिन्हें जाति, आय समेत अन्य प्रमाण पत्रों की जरूरत है।
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