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मरीजों की भीड़ बढ़ी, जिला अस्पताल फुल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 23 May 2018 01:38 AM IST
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गोरखपुर। मौसम में आए बदलाव के बीच बढ़ी मरीजों की संख्या के चलते जिला अस्पताल लगभग फुल हो चुका है। विभिन्न वार्डों में एक्का-दुक्का बेड ही खाली हैं। ऐसे में बहुत गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है। भर्ती करने लायक अधिकतर मरीजों को बेहतर इलाज के नाम पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जा रहा है।
305 बेड वाले जिला अस्पताल में गोरखपुर ही नहीं आसपास के जिलों के मरीज भी आते हैं। इधर कुछ दिनों से अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। 1200 से 1500 रहने वाली ओपीडी में दो हजार से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल फुल होने जैसी स्थिति में आ गया था।
मंगलवार को भी ओपीडी खचाखच रही। पर्ची काउंटर पर पूरे दिन लंबी लाइन लगी रही। भीड़ का आलम यह था कि ओपीडी में खड़े होने भर की जगह न थी। मरीजों के बढ़ी भीड़ के बीच अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी की स्थिति के लिए विभिन्न वार्डों में एक-दो बेड खाली छोड़ रखा है। ज्यादातर मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जा रहा है।
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ओपीडी में पहुंचने वाले ज्यादातर मरीज उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन के शिकार हैं। इनमें बच्चों और युवाओं की संख्या अधिक हैं। विशेषज्ञों की मानें तो धूप और गर्मी से लोग बीमार हो रहे हैं। गर्मी से बुखार, खांसी, दमा, एलर्जी, ब्लड प्रेशर, फेफड़े, पेट से संबंधित मरीजों के साथ ही त्वचा संबंधी समस्याओं से परेशान होकर भी लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. बीके सुमन ने बताया कि ओपीडी में पहुंचने वाले 60 से 70 फीसदी मरीज हीट स्ट्रोक या जलजनित बीमारियों से पीड़ित हैं। इनमें से कुछ गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती करना पड़ रहा है।
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305 बेड वाले जिला अस्पताल में गोरखपुर ही नहीं आसपास के जिलों के मरीज भी आते हैं। इधर कुछ दिनों से अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। 1200 से 1500 रहने वाली ओपीडी में दो हजार से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल फुल होने जैसी स्थिति में आ गया था।
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मंगलवार को भी ओपीडी खचाखच रही। पर्ची काउंटर पर पूरे दिन लंबी लाइन लगी रही। भीड़ का आलम यह था कि ओपीडी में खड़े होने भर की जगह न थी। मरीजों के बढ़ी भीड़ के बीच अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी की स्थिति के लिए विभिन्न वार्डों में एक-दो बेड खाली छोड़ रखा है। ज्यादातर मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जा रहा है।
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ओपीडी में पहुंचने वाले ज्यादातर मरीज उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन के शिकार हैं। इनमें बच्चों और युवाओं की संख्या अधिक हैं। विशेषज्ञों की मानें तो धूप और गर्मी से लोग बीमार हो रहे हैं। गर्मी से बुखार, खांसी, दमा, एलर्जी, ब्लड प्रेशर, फेफड़े, पेट से संबंधित मरीजों के साथ ही त्वचा संबंधी समस्याओं से परेशान होकर भी लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. बीके सुमन ने बताया कि ओपीडी में पहुंचने वाले 60 से 70 फीसदी मरीज हीट स्ट्रोक या जलजनित बीमारियों से पीड़ित हैं। इनमें से कुछ गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती करना पड़ रहा है।