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Gonda News: आंखों में सवार था खून, ''गब्बर'' ने की अंधाधुंध फायरिंग
Wed, 14 Feb 2024 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 14 Feb 2024 12:17 AM IST
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मसकनवा/बभनान (गोंडा)। छपिया के महुलीखोरी गांव में दिल दहला देने वाली वारदात के दौरान आरोपी सीताराम उर्फ गब्बर की आंखों में खून सवार था। आरोपी ने मार डालने की नीयत से ही अंधाधुंध फायरिंग की थी। करीब पांच मिनट में 10 राउंड फायरिंग कर पिस्टल की मैगजीन खाली कर दी। वारदात से पूरा गांव थर्रा उठा। सात लोगों को गोली लगने की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी और डीआईजी ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। फोर्स तैनात की गई है।
स्थानीय निवासी सीताराम उर्फ गब्बर वर्तमान में उत्तरखंड के 332 रेजीमेंट रायबाला हरिद्वार में तैनात था। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सेना का जवान नायक सीताराम उर्फ गब्बर लाइसेंसी पिस्टल लेकर पड़ोसी बाबू राम के दरवाजे पर पहुंचा तो पीड़ित परिवार दहशत में आ गया। दोनों परिवारों के बीच गली में टिनशेड लगाकर रास्ता बंद करने का विवाद कई महीनों से चला आ रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विवाह से पहले गब्बर अपने साथियों के साथ पहुंचा तो सीधे बाबूराम के बेटों को ही निशाने पर लिया। इसके बाद पीड़ित परिवार व रिश्तेदारों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। यही नहीं नाते-रिश्तेदार तक को नहीं छोड़ा। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। शोर-शराबा सुनकर लोग बाबूराम के घर की ओर दौड़े। करीब पांच मिनट के भीतर आरोपी गब्बर ने साथियों संग मिलकर सात लोगों को घायल कर दिया। एक महिला की मौके पर मौत हो गई। जान बख्श देने के लिए लोग मिन्नतें करते रहे, पर मगर आरोपी गब्बर के आंखों में खून सवार था। आरोपी ने करीब 10 गोलियां बरसाईं।
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दिनदहाड़े दुस्साहसिक वारदात से थर्रा उठा गांव
दिनदहाड़े गोलीकांड के बाद महुलीखोरी गांव समेत आसपास इलाकों में सनसनी फैल गई। गांवों की महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चे दहशत में आ गए। थाने की पुलिस ने भी गांव पहुंचने से पहले अफसरों को सूचना दी। इसके बाद गांव में दाखिल हुई। दावा किया कि मामले की छानबीन की जा रही है। पूछताछ के बाद दो लोगों को हिरासत में लिया है। एसपी विनीत जायसवाल, डीआईजी अमरेंद्र प्रसाद समेत पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोर्स तैनात की गई है।
बरात ले जाने की थी तैयारी, पसर गया मातम
बाबू राम जायसवाल के सबसे छोटे बेटे अर्किटेक्ट अमनदीप उर्फ विक्की की बरात ले जाने की तैयारी चल रही थी। कुछ ही घंटों में बस्ती के राम नगर के लिए बरात रवाना होती। इससे पहले आरोपी सीताराम उर्फ गब्बर ने वारदात अंजाम दे डाली। बाबूराम की समधन झिनपता उर्फ कलाईदेवी (58), छोटे भाई रामदेव जायसवाल (50), बेटे दीपक जायसवाल (29), बेटी पिंकी जायसवाल (17) भतीजा सत्यम जायसवाल (18) पुत्र रामदेव व पड़ोस के रामतीरथ यादव की बेटी लक्ष्य यादव (13) गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि उनके बेटे अमनदीप को गोली छूते हुए निकल गई। घायलों को सीएचसी छपिया ले जाया गया। जहां से मेडिकल कॉलेज ले जाते समय झिनपता उर्फ कलाईदेवी की रास्ते में मौत हो गई। रामदेव व दीपक को नाजुक हालत में ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। जबकि पिंकी, सत्यम व लक्ष्य का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
केस दर्ज, आरोपी हिरासत में
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपी फौजी गब्बर व राज कुमार उर्फ किन्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल उसकी लाइसेंसी पिस्टल भी जब्त कर ली गई है। आरोपी ने पिस्टल का लाइसेंस कश्मीर के किश्तवाड़ में लिया था। थानाध्यक्ष छपिया सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि बाबूराम की तहरीर पर गब्बर उर्फ राजू उर्फ सीताराम, राजकुमार उर्फ किन्नी समेत नौ लोगों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, बलवा, धमकी व पथराव समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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स्थानीय निवासी सीताराम उर्फ गब्बर वर्तमान में उत्तरखंड के 332 रेजीमेंट रायबाला हरिद्वार में तैनात था। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सेना का जवान नायक सीताराम उर्फ गब्बर लाइसेंसी पिस्टल लेकर पड़ोसी बाबू राम के दरवाजे पर पहुंचा तो पीड़ित परिवार दहशत में आ गया। दोनों परिवारों के बीच गली में टिनशेड लगाकर रास्ता बंद करने का विवाद कई महीनों से चला आ रहा था।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विवाह से पहले गब्बर अपने साथियों के साथ पहुंचा तो सीधे बाबूराम के बेटों को ही निशाने पर लिया। इसके बाद पीड़ित परिवार व रिश्तेदारों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। यही नहीं नाते-रिश्तेदार तक को नहीं छोड़ा। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। शोर-शराबा सुनकर लोग बाबूराम के घर की ओर दौड़े। करीब पांच मिनट के भीतर आरोपी गब्बर ने साथियों संग मिलकर सात लोगों को घायल कर दिया। एक महिला की मौके पर मौत हो गई। जान बख्श देने के लिए लोग मिन्नतें करते रहे, पर मगर आरोपी गब्बर के आंखों में खून सवार था। आरोपी ने करीब 10 गोलियां बरसाईं।
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दिनदहाड़े दुस्साहसिक वारदात से थर्रा उठा गांव
दिनदहाड़े गोलीकांड के बाद महुलीखोरी गांव समेत आसपास इलाकों में सनसनी फैल गई। गांवों की महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चे दहशत में आ गए। थाने की पुलिस ने भी गांव पहुंचने से पहले अफसरों को सूचना दी। इसके बाद गांव में दाखिल हुई। दावा किया कि मामले की छानबीन की जा रही है। पूछताछ के बाद दो लोगों को हिरासत में लिया है। एसपी विनीत जायसवाल, डीआईजी अमरेंद्र प्रसाद समेत पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोर्स तैनात की गई है।
बरात ले जाने की थी तैयारी, पसर गया मातम
बाबू राम जायसवाल के सबसे छोटे बेटे अर्किटेक्ट अमनदीप उर्फ विक्की की बरात ले जाने की तैयारी चल रही थी। कुछ ही घंटों में बस्ती के राम नगर के लिए बरात रवाना होती। इससे पहले आरोपी सीताराम उर्फ गब्बर ने वारदात अंजाम दे डाली। बाबूराम की समधन झिनपता उर्फ कलाईदेवी (58), छोटे भाई रामदेव जायसवाल (50), बेटे दीपक जायसवाल (29), बेटी पिंकी जायसवाल (17) भतीजा सत्यम जायसवाल (18) पुत्र रामदेव व पड़ोस के रामतीरथ यादव की बेटी लक्ष्य यादव (13) गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि उनके बेटे अमनदीप को गोली छूते हुए निकल गई। घायलों को सीएचसी छपिया ले जाया गया। जहां से मेडिकल कॉलेज ले जाते समय झिनपता उर्फ कलाईदेवी की रास्ते में मौत हो गई। रामदेव व दीपक को नाजुक हालत में ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। जबकि पिंकी, सत्यम व लक्ष्य का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
केस दर्ज, आरोपी हिरासत में
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपी फौजी गब्बर व राज कुमार उर्फ किन्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल उसकी लाइसेंसी पिस्टल भी जब्त कर ली गई है। आरोपी ने पिस्टल का लाइसेंस कश्मीर के किश्तवाड़ में लिया था। थानाध्यक्ष छपिया सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि बाबूराम की तहरीर पर गब्बर उर्फ राजू उर्फ सीताराम, राजकुमार उर्फ किन्नी समेत नौ लोगों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, बलवा, धमकी व पथराव समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।