{"_id":"68ebec09b29f54c1d30036c8","slug":"the-story-of-rama-shows-the-path-of-duty-religion-and-dignity-gonda-news-c-100-1-gon1041-145415-2025-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: कर्तव्य, धर्म और मर्यादा की राह दिखाती है राम कथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: कर्तव्य, धर्म और मर्यादा की राह दिखाती है राम कथा
Sun, 12 Oct 2025 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 12 Oct 2025 11:27 PM IST
विज्ञापन
हलधरमऊ। ग्राम पंचायत नगवाकला के कोठार में शनिवार से आरंभ हुई श्रीराम कथा के प्रथम दिवस श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा की शुरुआत प्रवाचक ज्ञानानंद शास्त्री ने गणेश वंदना और गुरु वंदना से की। उन्होंने कहा कि राम कथा केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है, जो मनुष्य को धर्म, कर्तव्य, प्रेम, मर्यादा और आदर्श जीवन की दिशा प्रदान करती है।
शास्त्री ने प्रवचन में बताया कि श्रीराम का जीवन इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक व्यक्ति अपनी मर्यादा में रहकर समाज और परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करता है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करे, तो समाज स्वतः सुखी और संगठित बन जाएगा। इस अवसर पर लक्ष्मी शंकर, पंकज सिंह, अनिमेष सिंह, मनोज कुमार आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
राजयोगिनी ने दी आध्यात्मिक शिक्षा की सलाह
परसपुर। मनुष्य का मनोबल उसकी सबसे बड़ी ताकत है और जो व्यक्ति अपने मन को हर परिस्थिति में शांत और स्थिर रखता है, वही जीवन में सफल होता है। यह बात रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र की प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अनामिका बहन ने कही। उन्होंने कहा कि आत्मा और शरीर के मिलन से जीवन बनता है। जैसे स्वस्थ शरीर के लिए पौष्टिक आहार जरूरी है, वैसे ही स्वस्थ आत्मा के लिए आत्मज्ञान, परमात्म ध्यान और चिंतन आवश्यक है। इस अवसर पर बीके डॉ. सुरेश चंद्र तिवारी, उमा मिश्रा, रमा, सुषमा, पिंकी सिंह, रागिनी, राधा, राधेश्याम, कमला प्रसाद सिंह, राघवेंद्र आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे। (संवाद)
विज्ञापन
मानवता के पालन से मजबूत होता है व्यक्ति
पसका। मानवता का पालन करने से समाज में करुणा, न्याय और शांति का विकास होता है। इसका प्रतिफल सभी के लिए बेहतर जीवन और प्रगति के रूप में मिलता है। यह बात रविवार को श्री अद्वैत स्वरूप संन्यास आश्रम में आयोजित सत्संग और भजन-कीर्तन में प्रवाचक शशि बहन ने कही। प्रवाचक ने कहा कि मानवता सीमाओं से परे जाकर एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रेरित करती है। इस अवसर पर रजनी बहन, शांति, अजयपाल, पंकज बाबा, उदय आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे। (संवाद)
विज्ञापन
शास्त्री ने प्रवचन में बताया कि श्रीराम का जीवन इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक व्यक्ति अपनी मर्यादा में रहकर समाज और परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करता है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करे, तो समाज स्वतः सुखी और संगठित बन जाएगा। इस अवसर पर लक्ष्मी शंकर, पंकज सिंह, अनिमेष सिंह, मनोज कुमार आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन
राजयोगिनी ने दी आध्यात्मिक शिक्षा की सलाह
परसपुर। मनुष्य का मनोबल उसकी सबसे बड़ी ताकत है और जो व्यक्ति अपने मन को हर परिस्थिति में शांत और स्थिर रखता है, वही जीवन में सफल होता है। यह बात रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र की प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अनामिका बहन ने कही। उन्होंने कहा कि आत्मा और शरीर के मिलन से जीवन बनता है। जैसे स्वस्थ शरीर के लिए पौष्टिक आहार जरूरी है, वैसे ही स्वस्थ आत्मा के लिए आत्मज्ञान, परमात्म ध्यान और चिंतन आवश्यक है। इस अवसर पर बीके डॉ. सुरेश चंद्र तिवारी, उमा मिश्रा, रमा, सुषमा, पिंकी सिंह, रागिनी, राधा, राधेश्याम, कमला प्रसाद सिंह, राघवेंद्र आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे। (संवाद)
विज्ञापन
मानवता के पालन से मजबूत होता है व्यक्ति
पसका। मानवता का पालन करने से समाज में करुणा, न्याय और शांति का विकास होता है। इसका प्रतिफल सभी के लिए बेहतर जीवन और प्रगति के रूप में मिलता है। यह बात रविवार को श्री अद्वैत स्वरूप संन्यास आश्रम में आयोजित सत्संग और भजन-कीर्तन में प्रवाचक शशि बहन ने कही। प्रवाचक ने कहा कि मानवता सीमाओं से परे जाकर एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रेरित करती है। इस अवसर पर रजनी बहन, शांति, अजयपाल, पंकज बाबा, उदय आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे। (संवाद)