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तालाब की दीवार टूटी
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Thu, 16 Jun 2016 11:38 PM IST
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टूटी तालाब की दीवार
- फोटो : अमर उजाला
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नगर पंचायत की ओर से कराए जा रहे गया प्रसाद तालाब के सौंदर्यीकरण में सरकारी धन की जमकर बर्बादी की जा रही है। निर्माण कार्य में मानक व गुणवत्ता की धज्जियां उड़ाई जा रही है। तालाब के किनारे बनाई गई दीवार चंद महीने में ही दरककर लटक गई है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी धांधली के कारण ऐसा हो रहा है। लोगों की शिकायत पर ईओ ने निर्माण कार्य की जांच व कार्रवाई की बात कही है।
तुलसीपुर नगर में स्थित अति प्राचीन गया प्रसाद पोखरे का नगर पंचायत की ओर से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इस काम के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। सौंदर्यीकरण का काम ठेके पर दिया गया है।
गत महीनों में तालाब के किनारे बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया है। अन्य निर्माण कार्य जारी है। काम पूरा होने के पहले ही मानक एवं गुणवत्ता की अनदेखी के कारण बाउंड्रीवाल कई जगह से दरक गई है। दीवार की ईंटे लटक गई।
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पूर्व सभासद श्यामदीप मिश्रा, अरुण कुमार आर्य, इंद्रजीत शुक्ला व शिव कुमार का कहना है कि सरकारी धन की बर्बादी को लेकर नगर पंचायत मूकदर्शक बना हुआ है। ठेकेदार ने बीते दिनों दरक रही बाउंड्रीवाल की मरम्मत कराकर कमियों को छिपाने का प्रयास तो किया लेकिन गुणवत्ता खराब होने के कारण कमी छिप नहीं पाई।
लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की हो रही बर्बादी व बंदरबांट की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज पप्पू कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए।
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तुलसीपुर नगर में स्थित अति प्राचीन गया प्रसाद पोखरे का नगर पंचायत की ओर से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इस काम के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। सौंदर्यीकरण का काम ठेके पर दिया गया है।
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गत महीनों में तालाब के किनारे बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया है। अन्य निर्माण कार्य जारी है। काम पूरा होने के पहले ही मानक एवं गुणवत्ता की अनदेखी के कारण बाउंड्रीवाल कई जगह से दरक गई है। दीवार की ईंटे लटक गई।
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पूर्व सभासद श्यामदीप मिश्रा, अरुण कुमार आर्य, इंद्रजीत शुक्ला व शिव कुमार का कहना है कि सरकारी धन की बर्बादी को लेकर नगर पंचायत मूकदर्शक बना हुआ है। ठेकेदार ने बीते दिनों दरक रही बाउंड्रीवाल की मरम्मत कराकर कमियों को छिपाने का प्रयास तो किया लेकिन गुणवत्ता खराब होने के कारण कमी छिप नहीं पाई।
लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की हो रही बर्बादी व बंदरबांट की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज पप्पू कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए।