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गोंडा: सेवानिवृत्ति के फैसले पर शिक्षामित्रों में असमंजस
Sat, 18 Feb 2023 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 18 Feb 2023 11:25 PM IST
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बलरामपुर। परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति की समय सीमा 60 वर्ष करने के निर्णय से असमंजस है। आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने सेवा नियमावली के साथ 62 वर्ष सेवानिवृत्ति की आयु सीमा तय करने की मांग की है, वहीं प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।
जिले के नौ ब्लॉकों के परिषदीय स्कूलों में 1,800 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह का कहना है कि शिक्षामित्रों के महासम्मेलन के दो दिन पहले ही सरकार ने यह निर्णय लिया है। जो संगठन को स्वीकार नहीं है।
शिक्षामित्रों को सेवा नियमावली के साथ कम से कम 62 वर्ष की समय सीमा के साथ ही अन्य सभी सेवाएं दी जाएं। उन्होंने 20 फरवरी को लखनऊ में होने वाले सम्मेलन की तैयारियों को लेकर भी बैठक की। इसमें सरिका त्रिपाठी, रमाधर द्विवेदी,नानबाबू विश्वकर्मा व जितेंद्र चौधरी मौजूद थे।
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वहीं उप्र. प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष अशोक उपाध्याय ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से एक भ्रम दूर हुआ है, जिसमें कहा जाता था कि शिक्षामित्र निकाल दिए जाएंगे। ऐसे में सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा, शिक्षामित्रों के स्थायीकरण तक संघ का आंदोलन जारी रहेगा।
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जिले के नौ ब्लॉकों के परिषदीय स्कूलों में 1,800 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह का कहना है कि शिक्षामित्रों के महासम्मेलन के दो दिन पहले ही सरकार ने यह निर्णय लिया है। जो संगठन को स्वीकार नहीं है।
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शिक्षामित्रों को सेवा नियमावली के साथ कम से कम 62 वर्ष की समय सीमा के साथ ही अन्य सभी सेवाएं दी जाएं। उन्होंने 20 फरवरी को लखनऊ में होने वाले सम्मेलन की तैयारियों को लेकर भी बैठक की। इसमें सरिका त्रिपाठी, रमाधर द्विवेदी,नानबाबू विश्वकर्मा व जितेंद्र चौधरी मौजूद थे।
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वहीं उप्र. प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष अशोक उपाध्याय ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से एक भ्रम दूर हुआ है, जिसमें कहा जाता था कि शिक्षामित्र निकाल दिए जाएंगे। ऐसे में सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा, शिक्षामित्रों के स्थायीकरण तक संघ का आंदोलन जारी रहेगा।