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डेंगू के सात और मरीज मिले
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गोंडा। जिले में सोमवार को डेंगू के सात और मरीज मिले हैं। इससे अब डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 88 हो गई। वहीं, मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद भी एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग व संक्रमण के रोकथाम की अन्य कवायद कागजों में ही सिमटकर रह गई है।
डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री ने डीएम व सीएमओ को प्रभावी नियंत्रण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फील्ड में निकलकर स्थिति का जायजा लेने के साथ ही रोकथाम के लिए जरूरी उपाय करने के निर्देश पर भी कहीं कोई असर नहीं दिख रहा है।
गांव-गांव में लोग बुखार से तप रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग गांवों में डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर अंजान बना हुआ है। सोमवार को आई जांच रिपोर्ट में जिलेभर में सात लोग डेंगू संक्रमित पाए गए हैं। इससे डेंगू मरीजों का आंकड़ा 88 हो गया है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हलधरमऊ, परसपुर व काजीदेवर में डेंगू के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन प्रभावित गांवों में भी एंटी लार्वा का छिड़काव व फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। जिस घर में कोई डेंगू संक्रमित मिलता है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम जाकर कागजी कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रही है। सोमवार को एसीएमओ डॉ. एपी सिंह ने वजीरगंज सीएचसी जाकर डेंगू वार्ड व अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया।
डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर जिलाधिकारी ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए बचाव के साथ सतर्कता की अपील की है। डीएम उज्ज्वल कुमार ने कहा कि डेंगू बुखार को गांवों में हड्डी तोड़ बुखार के नाम से जाना जाता है। समय से इलाज न मिलने से डेंगू खतरनाक साबित हो सकता है। संक्रमितों केे जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, शरीर पर चकत्ते पड़ना, तेज सिरदर्द व आंखों में जलन होती है। डेंगू से बचाव के लिए अपने आसपास साफ सफाई रखें। जलभराव न होने दें। मच्छरों से बचाव करने के लिए मच्छरदानी या मच्छररोधी अगरबत्ती का प्रयोग करें।
डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने सोमवार शाम जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने डेंगू वार्ड सहित अन्य कक्षों में भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। साथ ही वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। इस दौरान खामियां मिलने पर सुधार का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि डेंगू को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। साथ ही मरीजों को बेहतर सेवा दी जाए। इसके पहले डीएम ने शहर की नैयर कॉलोनी में संचारी रोग अभियान का जायजा लिया। उन्होंने हर गली-मोहल्ले में फॉगिंग कराने का निर्देश दिया। उनके साथ सीडीओ गौरव कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
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डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री ने डीएम व सीएमओ को प्रभावी नियंत्रण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फील्ड में निकलकर स्थिति का जायजा लेने के साथ ही रोकथाम के लिए जरूरी उपाय करने के निर्देश पर भी कहीं कोई असर नहीं दिख रहा है।
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गांव-गांव में लोग बुखार से तप रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग गांवों में डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर अंजान बना हुआ है। सोमवार को आई जांच रिपोर्ट में जिलेभर में सात लोग डेंगू संक्रमित पाए गए हैं। इससे डेंगू मरीजों का आंकड़ा 88 हो गया है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हलधरमऊ, परसपुर व काजीदेवर में डेंगू के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन प्रभावित गांवों में भी एंटी लार्वा का छिड़काव व फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। जिस घर में कोई डेंगू संक्रमित मिलता है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम जाकर कागजी कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रही है। सोमवार को एसीएमओ डॉ. एपी सिंह ने वजीरगंज सीएचसी जाकर डेंगू वार्ड व अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया।
डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर जिलाधिकारी ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए बचाव के साथ सतर्कता की अपील की है। डीएम उज्ज्वल कुमार ने कहा कि डेंगू बुखार को गांवों में हड्डी तोड़ बुखार के नाम से जाना जाता है। समय से इलाज न मिलने से डेंगू खतरनाक साबित हो सकता है। संक्रमितों केे जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, शरीर पर चकत्ते पड़ना, तेज सिरदर्द व आंखों में जलन होती है। डेंगू से बचाव के लिए अपने आसपास साफ सफाई रखें। जलभराव न होने दें। मच्छरों से बचाव करने के लिए मच्छरदानी या मच्छररोधी अगरबत्ती का प्रयोग करें।
डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने सोमवार शाम जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने डेंगू वार्ड सहित अन्य कक्षों में भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। साथ ही वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। इस दौरान खामियां मिलने पर सुधार का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि डेंगू को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। साथ ही मरीजों को बेहतर सेवा दी जाए। इसके पहले डीएम ने शहर की नैयर कॉलोनी में संचारी रोग अभियान का जायजा लिया। उन्होंने हर गली-मोहल्ले में फॉगिंग कराने का निर्देश दिया। उनके साथ सीडीओ गौरव कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।