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सात डॉक्टरों व तीन कर्मियों से जवाब तलब
अमर उजाला/गोंडा
Updated Thu, 12 May 2016 11:24 PM IST
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निरीक्षण करते एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
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निरीक्षण के दौरान ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए जिला अस्पताल के सात डॉक्टरों व तीन कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तथा ब्लड बैंक में संविदा पर तैनात स्वीपर द्वारा सफाई न करने पर तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई है। यह कार्यवाही डीएम आशुतोष निरंजन ने जिला अस्पताल में गुरुवार को हुए औचक निरीक्षण के बाद की।
डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर अविनाश कुमार ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल में पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले रोगी सहायता केंद्र का अवलोकन किया, जहां व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
इसके बाद एसडीएम ने डॉक्टरों की उपस्थिति पंजिका चेक की। जिसमें डॉ. सुबोध कुमार, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. टीपी जायसवाल, डॉ. आलोक शुक्ला, ब्लड बैंक में तैनात डॉ. स्मिता वर्मा, क्षय रोग विभाग में तैनात डॉ. राजेश कुमार, पोषण पुनर्वास केंद्र में तैनात डॉ. अखिलेश कुमार तिवारी अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा ब्लड बैंक में ही तैनात स्टाफ नर्स शैलेष व स्वीपर इंद्र बहादुर, वार्ड बॉय राजेश कनौजिया भी अनुपस्थित पाए गए।
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डीएम ने अनुपस्थित सभी डॉक्टरों व कर्मचारियों से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है और जवाब न मिलने की दशा में वेतन रोकने की कार्यवाही करने के आदेश सीएमएस को दिए हैं।
ब्लक बैंक के इंचार्ज एलबी मणि त्रिपाठी ने एसडीएम को बताया कि ब्लड बैंक में संविदा पर तैनात स्वीपर शुभम श्रीवास्तव व सूबेदार शुक्ला द्वारा बार-बार निर्देश के बावजूद सफाई कार्य नहीं किया जाता है और पैसा देकर फूलचंद व राजू नाम के बाहरी लड़कों से सफाई कराई जाती है तथा स्टाफ नर्स शैलेष मनमाने तरीके से ड्यूटी पर आती हैं।
इस पर एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से स्वीपरों को बर्खास्त करने एवं सफाई का काम करने वाले फूंलचंद व राजू को ही सफाई कर्मी के पद पर रखने व स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण के आदेश दिए हैं। उपस्थिति रजिस्टर के निरीक्षण में एसडीएम ने गंभीर खामियां पकड़ीं।
हड्डी रोग के डॉ. विमल वैश्वार व डॉ. संजय कुमार द्वारा 13 मई की भी उपस्थिति पर हस्ताक्षर कर दिए गए थे। इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए डीएम ने दोनों डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
निर्माणाधीन 100 शैया वाले अस्पताल के निरीक्षण में कार्य संतोषजनक मिला, परंतु पार्किंग की व्यवस्था न होने पर कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को तलब किया गया है।
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डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर अविनाश कुमार ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल में पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले रोगी सहायता केंद्र का अवलोकन किया, जहां व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
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इसके बाद एसडीएम ने डॉक्टरों की उपस्थिति पंजिका चेक की। जिसमें डॉ. सुबोध कुमार, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. टीपी जायसवाल, डॉ. आलोक शुक्ला, ब्लड बैंक में तैनात डॉ. स्मिता वर्मा, क्षय रोग विभाग में तैनात डॉ. राजेश कुमार, पोषण पुनर्वास केंद्र में तैनात डॉ. अखिलेश कुमार तिवारी अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा ब्लड बैंक में ही तैनात स्टाफ नर्स शैलेष व स्वीपर इंद्र बहादुर, वार्ड बॉय राजेश कनौजिया भी अनुपस्थित पाए गए।
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डीएम ने अनुपस्थित सभी डॉक्टरों व कर्मचारियों से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है और जवाब न मिलने की दशा में वेतन रोकने की कार्यवाही करने के आदेश सीएमएस को दिए हैं।
ब्लक बैंक के इंचार्ज एलबी मणि त्रिपाठी ने एसडीएम को बताया कि ब्लड बैंक में संविदा पर तैनात स्वीपर शुभम श्रीवास्तव व सूबेदार शुक्ला द्वारा बार-बार निर्देश के बावजूद सफाई कार्य नहीं किया जाता है और पैसा देकर फूलचंद व राजू नाम के बाहरी लड़कों से सफाई कराई जाती है तथा स्टाफ नर्स शैलेष मनमाने तरीके से ड्यूटी पर आती हैं।
इस पर एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से स्वीपरों को बर्खास्त करने एवं सफाई का काम करने वाले फूंलचंद व राजू को ही सफाई कर्मी के पद पर रखने व स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण के आदेश दिए हैं। उपस्थिति रजिस्टर के निरीक्षण में एसडीएम ने गंभीर खामियां पकड़ीं।
हड्डी रोग के डॉ. विमल वैश्वार व डॉ. संजय कुमार द्वारा 13 मई की भी उपस्थिति पर हस्ताक्षर कर दिए गए थे। इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए डीएम ने दोनों डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
निर्माणाधीन 100 शैया वाले अस्पताल के निरीक्षण में कार्य संतोषजनक मिला, परंतु पार्किंग की व्यवस्था न होने पर कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को तलब किया गया है।