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Gonda News: लापरवाही पर 76 आशा कर्मियों की सेवा समाप्त
Sun, 25 Aug 2024 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 25 Aug 2024 01:02 AM IST
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गोंडा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभिन्न योजनाओं में लापरवाही बरतने पर 76 आशा (एक्रेडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट) की सेवा समाप्त कर दी गई है। इनके स्थान पर नई आशाओं के चयन का प्रस्ताव ग्राम स्वच्छता एवं पोषण समिति से मांगा गया है।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्यों में रुचि न लेने वाली आशा कर्मियों को विगत 14 अगस्त नोटिस भेजकर दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया था। इसके बावजूद 76 आशाओं ने नोटिस का जवाब नहीं दिया और न ही कार्यों में सुधार किया। जिसको लेकर सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने 16 विकासखंड की 76 आशा कर्मियों की सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया है। सीएमओ ने बताया कि इन स्वास्थ्यकर्मियों ने विभाग की ओर से दिए जाने वाले कार्यों में रुचि नहीं ली। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल हुई है। इन्हें बार-बार नोटिस देने के बाद भी सुधार नहीं हुआ। सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि जल्द ही ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति से समन्वय बनाकर नई आशाओं के चयन की प्रक्रिया पूरी कर लें।
डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि सीएचसी बभनजोत की पांच, बेलसर की पांच, छपिया की तीन, करनैलगंज की पांच, मनकापुर की पांच, हलधरमऊ की पांच, झंझरी की पांच, कटरा बाजार की पांच, मुजेहना की पांच, नवाबगंज की पांच, पंड़रीकृपाल की पांच, परसपुर की चार, रुपईडीह की चार, तरबगंज की पांच व वजीरगंज की पांच आशा कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है।
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जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आशा बिना कारण घूमती रहती हैं। जो गर्भवती महिलाओं को बहलाकर बाहर की जांच व निजी नर्सिंगहोम में ऑपरेशन कराने को प्रेरित करती हैं। शिकायत मिलने पर बिना कारण नियमित अस्पताल आने वाली आशाओं को सूचीबद्ध किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरे से निगरानी कर एक सप्ताह तक प्रतिदिन अस्पताल आने वाली आशाओं की सूची तैयार की गई है। जरूरी कारण न स्पष्ट होने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्यों में रुचि न लेने वाली आशा कर्मियों को विगत 14 अगस्त नोटिस भेजकर दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया था। इसके बावजूद 76 आशाओं ने नोटिस का जवाब नहीं दिया और न ही कार्यों में सुधार किया। जिसको लेकर सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने 16 विकासखंड की 76 आशा कर्मियों की सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया है। सीएमओ ने बताया कि इन स्वास्थ्यकर्मियों ने विभाग की ओर से दिए जाने वाले कार्यों में रुचि नहीं ली। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल हुई है। इन्हें बार-बार नोटिस देने के बाद भी सुधार नहीं हुआ। सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि जल्द ही ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति से समन्वय बनाकर नई आशाओं के चयन की प्रक्रिया पूरी कर लें।
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डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि सीएचसी बभनजोत की पांच, बेलसर की पांच, छपिया की तीन, करनैलगंज की पांच, मनकापुर की पांच, हलधरमऊ की पांच, झंझरी की पांच, कटरा बाजार की पांच, मुजेहना की पांच, नवाबगंज की पांच, पंड़रीकृपाल की पांच, परसपुर की चार, रुपईडीह की चार, तरबगंज की पांच व वजीरगंज की पांच आशा कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है।
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जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आशा बिना कारण घूमती रहती हैं। जो गर्भवती महिलाओं को बहलाकर बाहर की जांच व निजी नर्सिंगहोम में ऑपरेशन कराने को प्रेरित करती हैं। शिकायत मिलने पर बिना कारण नियमित अस्पताल आने वाली आशाओं को सूचीबद्ध किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरे से निगरानी कर एक सप्ताह तक प्रतिदिन अस्पताल आने वाली आशाओं की सूची तैयार की गई है। जरूरी कारण न स्पष्ट होने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।