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गर्मी की तपिश में आज से खुलेंगे 2611 स्कूल
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फोटो-22-गोंडा में नवाबगंज के प्राथमिक विद्यालय महेशपुर में पौधों में पानी डालती शिक्षक। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। उमस भरी गर्मी में गुरुवार से परिषदीय स्कूलों का संचालन शुरू किया जा रहा है। 2611 स्कूल तो खुलेंगे, लेकिन गर्मी की तपिश में बच्चों का स्कूल आना चुनौतीपूर्ण है। शिक्षकों पर बच्चों को स्कूल बुलाने पर जोर दिया जा रहा है। जिले के 2092 स्कूलों में फर्नीचर और 1772 में बालमैत्री शौचालय तक नहीं है। 797 स्कूलों में बिजली कनेक्शन तक नहीं है। इस भीषण गर्मी में छात्र परेशान होंगे। बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह कहते हैं कि शासन के निर्देश पर गर्मियों की छुट्टियां पूरी हो रहीं हैं। जिससे स्कूलों का संचालन किया जा रहा है।
जिले के 2611 स्कूलों में चार लाख 10 हजार छात्र पंजीकृत रहे, उन्हें स्कूल खुलने पर इन समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। यही नहीं 65 स्कूल तो ऐसे हैं जहां पर पीने का पानी तक का इंतजाम नहीं है। 845 में जलापूर्ति नहीं हो सकी है। अभी अभियान ही चल रहा है। 797 स्कूल ऐसे हैं जहां पर बिजली का कनेक्शन ही नहीं है।
ऐसे में गर्मी में बच्चों को बिजली की सुविधा भी नहीं मिल सकेगी। इससे भी उन्हें परेशानी होगी। इसके बाद भी स्कूलों को खोलने की तैयारी हो रही है। साथ ही अभी तक किसी भी कक्षा की एक भी किताब नहीं आई है। बताया जा रहा है कि अब जाकर शासन स्तर से किताबों की छपाई का आदेश दिया गया है। दो माह से अधिक का समय लगना है। सितंबर से पहले जिले में किताबों की आपूर्ति होने की उम्मीद नहीं है।
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जिले के 2611 स्कूलों में चार लाख 10 हजार छात्र पंजीकृत रहे, उन्हें स्कूल खुलने पर इन समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। यही नहीं 65 स्कूल तो ऐसे हैं जहां पर पीने का पानी तक का इंतजाम नहीं है। 845 में जलापूर्ति नहीं हो सकी है। अभी अभियान ही चल रहा है। 797 स्कूल ऐसे हैं जहां पर बिजली का कनेक्शन ही नहीं है।
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ऐसे में गर्मी में बच्चों को बिजली की सुविधा भी नहीं मिल सकेगी। इससे भी उन्हें परेशानी होगी। इसके बाद भी स्कूलों को खोलने की तैयारी हो रही है। साथ ही अभी तक किसी भी कक्षा की एक भी किताब नहीं आई है। बताया जा रहा है कि अब जाकर शासन स्तर से किताबों की छपाई का आदेश दिया गया है। दो माह से अधिक का समय लगना है। सितंबर से पहले जिले में किताबों की आपूर्ति होने की उम्मीद नहीं है।
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