फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   school

स्कूलों में एक लाख बच्चों को नही मिलता एमडीएम

Fri, 12 Nov 2021 12:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 12:12 AM IST
विज्ञापन
school
11द्दस्रड्डश्च24- गोंडा के प्राथमिक विद्यालय पोख्ता दरवाजा में एमडीएम का इंतजार करते बच्चे - फोटो : GONDA
गोंडा। बेसिक शिक्षा में बच्चों को दोपहर में भोजन देने के लिए बड़े स्तर पर योजना चल रही है। इसके बावजूद एक लाख से अधिक बच्चों को एमडीएम नहीं मिलता है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो स्कूलों में 60 से 70 फीसदी ही बच्चों को भोजन मिल पाता है, कारण सभी बच्चे स्कूल नही आते हैं। गांवों में पूरी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। कई स्कूलों में राशन न मिलने से भोजन नहीं बन रहा है। ऐसा तब है जब विभाग का दावा है कि कोटेदारों के पास पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध है। राशन न देने का मतलब कहीं न कहीं कोटेदार की मनमानी है। कुछ स्कूलों में स्थिति यह है कि अक्सर चावल-दाल ही बच्चों को दिया जा रहा है। कहीं- कहीं खिचड़ी ही बनता है। अमर उजाला की ओर से स्कूलों की पड़ताल हुई तो पता चला कि नामांकन के सापेक्ष सभी बच्चों को भोजन नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

कोरोना संकट के समय स्कूलों में पढ़ाई बंद रही। उस दौरान का कर्नवजन कास्ट व राशन सीधे बच्चों के अभिभावकों को सीधे दिया गया। इसके बाद पहले जूनियर हाईस्कूल और फिर प्राइमरी स्कूलों को दो चरणों में खोला गया। बच्चों की पढ़ाई परिषदीय स्कूलों में अब पूरी तरह शुरू हो गई और एमडीएम पर विशेष जोर प्रशासन का है। इसी दौरान एमडीएम में मनमानी भी शुरू हो गई है। कई कोटेदार हैं जो राशन देने में ही आनाकानी करते हैं।
विज्ञापन

प्रधानाध्यापकों को उनके पास बार- बार जाना पड़ता है और वह लोग राशन न मिलने की बात कह रहे हैं। विभाग की मानें तो राशन की कोई कमी नही है। जिलाधिकारी ने बीते दिनों दिसंबर माह तक के राशन देने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि अभी भी कोटे की दुकानों के पास राशन की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके अलावा एक लाख से अधिक बच्चों को एमडीएम उनके स्कूल न आने की वजह से नही मिल पा रहा है। शिक्षकों की मानें तो पहले तो उपस्थिति काफी बेहतर है, लेकिन अक्सर कुछ बच्चे नियमित नही आ पाते हैं। इसके लिए प्रयास हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रसोई में लगा रहा ताला, भूखे ही रहे बच्चे
बेलसर (गोंडा)। सरकार भले ही स्कूलों की सेहत ठीक करने के लिए एड़ी चोटी से जोर लगा रही है। फिर भी आपसी तालमेल न मिल पाने से सरकारी व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। गुरुवार को अमर उजाला की पड़ताल में बेलसर के स्कूलों को हकीकत सामने आ गई। बेलसर के कंपोजित विद्यालय पूरे दयाल में राशन न होने से विद्यालय के रसोई घर में ताला लगा है। बच्चों को दोपहर भोजन मिलना बंद हो गया। यहां के उच्च प्राथमिक विद्यालय में 345 छात्र पंजीकृत है। पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष 78 बच्चे उपस्थित रहे। वहीं प्राथमिक में 183 के सापेक्ष 102 छात्र उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक तसनीम बानो ने बताया की राशन न मिलने से मध्यान्ह भोजन बंद हो गया है। बच्चो को फल दिया गया है। बताया रसोइया की तैनाती है लेकिन राशन न होने से वापस चली जाती है। खंड शिक्षा अधिकारी बेलसर अजय कुमार तिवारी ने बताया की खाना न बनाए जाने की सूचना हमारे पास नही है। प्राथमिक विद्यालय हर्षापुर में बच्चों को भोजन तो मिला, लेकिन शिक्षकों कमी से पढ़ाई प्रभावित है। (संवाद)
आधी बाल्टी दाल और दो किलो चावल ही बनवा रहे
नवाबगंज (गोंडा)। स्कूल में 100 बच्चे और प्रधानाध्यापक आधी बाल्टी दाल और 02 किलो चावल ही बनवाते हैं। इससे सिर्फ एमडीएम योजना की खानापूर्ति हो रही है। बच्चों की मानें तो उनका पेट नही भरता है। यह मामला नवाबगंज नगर के पोख्ता दरवाजा प्राथमिक विद्यालय का है। यहां सुरेश कुमार गुप्ता प्रधानाध्यापक हैं उन्होंने बताया कि विद्यालय में 302 बच्चों का पंजीकरण है लेकिन स्कूल में शिक्षकों की कमी है। रोस्टर से हिसाब से 100 ग्राम राशन प्रति बच्चों पर बनवाया जा रहा है। स्कूल में आधी बाल्टी दाल और लगभग दो किलो चावल एक डेग में उबला रखा था। इस तरह कई दिनों से ऐसे ही भोजन बच्चों को परोसा जा रहा है। इससे यहां पर दिक्कत बनी हुई है। (संवाद)

एमडीएम योजना में राशन की कमी नही है, यदि कहीं राशन नही मिल रहा है तो जांच की जाएगी। मीनू के अनुसार ही भोजन बनाने का निर्देश है। स्कूल आने वाले बच्चों को ही एमडीएम दिया जाना है। - गणेश गुप्ता, जिला समन्वयक, एमडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed