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Gonda News: ड्रेस कोड में नहीं दिखे स्वास्थ्यकर्मी तो कटेगा वेतन
Mon, 27 Jan 2025 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 27 Jan 2025 11:54 PM IST
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गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में इलाज के दौरान बाहरी लोगों का दखल खत्म कर करने के लिए तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की पहचान में पूरी सख्ती बरती जाएगी। इसके तहत बिना ड्रेस कोड व नेम प्लेट लगाए ड्यूटी पर आने वाले कर्मियों का वेतन तक कटेगा। ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों के लिए भी एप्रेन पहनना जरूरी होगा। जिस विभाग का कर्मी बिना ड्रेसकोड में पाया गया, उसके विभागाध्यक्ष से भी लिखित स्तर पर जवाब-तलब होगा।
इस संबंध में सोमवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर इस संबंध में लागू निर्देशों को सख्ती से पालन में लाने के लिए कहा है। एक फरवरी से प्रतिदिन राउंड के दौरान ड्रेसकोड की जांच प्राथमिकता के साथ की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में इलाज के नाम पर वसूली की शिकायत बढ़ रही थी । जांच कराने पर इनमें बाहरी लोगों की संलिप्तता मिली। इस पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक फरवरी से ड्रेस कोड व नेम प्लेट की अनिवार्यता को लागू करने का निर्देश दिया है।
अब पर्चा कटवाकर घूमने लगे दलाल
अस्पताल में ओपीडी से लेकर ओटी तक बड़ी संख्या में बाहरी लोग जमा रहते हैं। आरोप है कि इन्हीं के माध्यम से ऑपरेशन के नाम पर वसूली व बाहर से जांच तथा दवाओं की खरीदारी का खेल होता है। सख्ती शुरू होने पर अब बाहरी लोग एक रुपये का पर्चा कटवाकर अस्पताल में घूमते हैं ताकि जांच में पकड़े जाने पर दवा कराने का बहाना बता सकें। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि बिना ड्रेसकोड के अस्पताल आने वालों को वेतन नहीं दिया जाएगा।
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इस संबंध में सोमवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर इस संबंध में लागू निर्देशों को सख्ती से पालन में लाने के लिए कहा है। एक फरवरी से प्रतिदिन राउंड के दौरान ड्रेसकोड की जांच प्राथमिकता के साथ की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में इलाज के नाम पर वसूली की शिकायत बढ़ रही थी । जांच कराने पर इनमें बाहरी लोगों की संलिप्तता मिली। इस पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक फरवरी से ड्रेस कोड व नेम प्लेट की अनिवार्यता को लागू करने का निर्देश दिया है।
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अब पर्चा कटवाकर घूमने लगे दलाल
अस्पताल में ओपीडी से लेकर ओटी तक बड़ी संख्या में बाहरी लोग जमा रहते हैं। आरोप है कि इन्हीं के माध्यम से ऑपरेशन के नाम पर वसूली व बाहर से जांच तथा दवाओं की खरीदारी का खेल होता है। सख्ती शुरू होने पर अब बाहरी लोग एक रुपये का पर्चा कटवाकर अस्पताल में घूमते हैं ताकि जांच में पकड़े जाने पर दवा कराने का बहाना बता सकें। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि बिना ड्रेसकोड के अस्पताल आने वालों को वेतन नहीं दिया जाएगा।
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