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Gonda News: मेडिकल कॉलेज में नौकरी के नाम पर 10 लाख ठगे
Tue, 22 Sep 2026 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 22 Sep 2026 11:34 PM IST
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से करीब 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने डिजिटल इंडिया मिशन के तहत डार्करूम सहायक के पद पर नौकरी दिलाने और 26,500 रुपये मासिक वेतन का झांसा दिया था।
आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर पहले पांच लाख रुपये देने को कहा गया। बाद में अलग-अलग किस्तों में कुल 10 लाख रुपये ले लिए गए। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। गायत्री पुरम सिविल लाइंस निवासी अजीत सिंह के मुताबिक पिछले वर्ष उनकी मुलाकात आजमगढ़ के कंधरापुर क्षेत्र निवासी अभिषेक दुबे से हुई थी।
आरोप है कि अभिषेक ने लखनऊ की एक संस्था के एमडी से परिचय होने का दावा करते हुए मेडिकल कॉलेज में नौकरी लगवाने की बात कही। उसने 26,500 रुपये मासिक वेतन और नियुक्ति के बाद 11 महीने तक मानदेय दिलाने का भरोसा दिया। प्राथमिकी के अनुसार, अजीत ने 25 नवंबर 2024 से 20 मई 2025 तक अलग-अलग किस्तों में कुल 10 लाख रुपये आरोपी को दिए। इनमें 4.58 लाख रुपये ऑनलाइन दिए गए। आरोपी जनवरी से अप्रैल 2025 तक नियुक्ति कराने का भरोसा देता रहा।
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बाद में अभिषेक ने अजीत को नियुक्ति पत्र दे दिया। वह पत्र लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो अधिकारियों ने बताया कि डार्करूम सहायक का कोई पद रिक्त नहीं है और न ही इस संबंध में कोई नियुक्ति हुई है। इसके बाद नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी सामने आई।
अजीत के अनुसार, रकम वापस मांगने पर आरोपी ने गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी दी। सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विवेचना उपनिरीक्षक शुभांशु पाठक को सौंपी गई है।
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आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर पहले पांच लाख रुपये देने को कहा गया। बाद में अलग-अलग किस्तों में कुल 10 लाख रुपये ले लिए गए। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। गायत्री पुरम सिविल लाइंस निवासी अजीत सिंह के मुताबिक पिछले वर्ष उनकी मुलाकात आजमगढ़ के कंधरापुर क्षेत्र निवासी अभिषेक दुबे से हुई थी।
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आरोप है कि अभिषेक ने लखनऊ की एक संस्था के एमडी से परिचय होने का दावा करते हुए मेडिकल कॉलेज में नौकरी लगवाने की बात कही। उसने 26,500 रुपये मासिक वेतन और नियुक्ति के बाद 11 महीने तक मानदेय दिलाने का भरोसा दिया। प्राथमिकी के अनुसार, अजीत ने 25 नवंबर 2024 से 20 मई 2025 तक अलग-अलग किस्तों में कुल 10 लाख रुपये आरोपी को दिए। इनमें 4.58 लाख रुपये ऑनलाइन दिए गए। आरोपी जनवरी से अप्रैल 2025 तक नियुक्ति कराने का भरोसा देता रहा।
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बाद में अभिषेक ने अजीत को नियुक्ति पत्र दे दिया। वह पत्र लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो अधिकारियों ने बताया कि डार्करूम सहायक का कोई पद रिक्त नहीं है और न ही इस संबंध में कोई नियुक्ति हुई है। इसके बाद नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी सामने आई।
अजीत के अनुसार, रकम वापस मांगने पर आरोपी ने गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी दी। सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विवेचना उपनिरीक्षक शुभांशु पाठक को सौंपी गई है।