{"_id":"5f108a748ebc3e636108ad01","slug":"rain-gonda-news-lko531061621","type":"story","status":"publish","title_hn":"25 गांव पानी से घिरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
25 गांव पानी से घिरे
विज्ञापन
टेढ़ी नदी में आई बाढ़ से फसलें डूबीं, गांव घिरे।
- फोटो : GONDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बालपुर(गोंडा)। बड़ी नदी में बाढ़ का पानी रोककर नहरों में पानी खोल देने से जिले में सैलाब उमड़ पड़ा है। इससे करीब 50 हजार आबादी मुसीबतों से घिर गई है। 25 से अधिक गांवों में पानी भर गया है। हजारों हेक्टेयर फसल नष्ट हो गई है और किसान त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि किसान बेहाल हैं और प्रशासन घाघरा में बाढ़ न आने के कारण अपने घरों में चैन की बंसी बजा रहे हैं।
जिले की प्रमुख नदी टेढ़ी, बिसुही, चंद्रभाग जैसी छोटी नदिया जीवनदायिनी हैं। जिले के करनैलगंज व तरबगंज तहसील क्षेत्र के दक्षिणी छोर पर बहने वाली घाघरा नदी में हर साल बरसात के दौरान तबाही आती है। लेकिन इस बार सिंचाई विभाग ने नाटकीय ढंग से बाढ़ रोकने का नया तरीका निकाल लिया है। गायघाट से निकलने वाली सरयू नहर घाघरा से जुड़ी हुई है। इस बार घाघरा में आए सैलाब को सरयू नहरों की तरफ मोड़ दिया है। इससे जिले की नहर शाखाएं लबालब हैं। जिले में नहरों का काम अधूरा है और अधूरी नहरों में पानी छोड़े जाने के कारण उसका पानी छोटी नदियों में आ गया है।
यही कारण है कि बहराइच से निकलने वाली टेढ़ी नदी जो कटरा बाजार ब्लाक क्षेत्र में प्रवेश करती है उफना आई है। यह नदी कटरा बाजार, करनैलगंज, हलधरमऊ, परसपुर, बेलसर, झंझरी, तरबगंज होते नवाबगंज से होकर अयोध्या में सरयू से मिलती है। इस नदी में इतना पानी आ गया है कि करीब दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे करीब 50 हजार से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है। दस हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक में लगी धान, मक्का व अन्य फसलें नष्ट हो गई हैं। इसी तरह चंद्रभाग यानि चंदहा नाला भी उफान पर है। इन दोनों के उफान के कारण एक दर्जन गांवों से संपर्क कट चुका है।
विज्ञापन
हलधरमऊ के बास गांव, पतिसा, देवी दीन पुरवा, सगरा, थरि, मगराईच पुरवा, भोंका, खजुनी पुरवा, भटनैया, भरसड़ा, गंगा पुरवा, बटोरा लोहांगी, परसा महेशी, गुरसड़ा, कटहा सहित अन्य गांव बाढ़ की चपेट में आ ग हें। जलभराव से परेशानी का सामना करना पड़ता है। बटौरा बाबा के पास सड़क पर तीन फुट पानी बह रहा है। चंदहा नाला पर बने पुल पर शिवशंकर पुरवा के पास पुल के ऊपर पानी बह रहा है। इसी नाले पर भरसड़ा गांव के पास पुल के ऊपर पानी का सैलाब बह रहा है। भटनैया निवासी विनोद कुमार तिवारी उर्फ पप्पू कहते है कि चंदहा नाला व नहर की सफाई न होने से गांवो में पानी घुसा है। खजुहा के पास नहर कटने से करीब सौ बीघा धान की फसल डूब गयी है। जिससे आने वाले समय मे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बालपुर(गोंडा)। खानपुर नाला में आसपास का पानी इकट्ठा होने से खानपुर नाला उफान पर है। भग्गू के स्थान से छिटनापुर टेपरा जाने वाली सड़क के ऊपर पानी बह रहा है। सड़क पानी में बह जाने से लोगों जान जोखिम में डाल कर किसी तरह से सड़क पार करने के लिए मजबूर है। यह सड़क मैजापुर गन्ना समिति ने किसानों के सहूलियत के लिए 2010 में बनाई गयी थी। खानपुर नाला में बाढ़ आ जाने से पूरी तरह पानी मे बह गयी है। नाला के किनारे की सैकड़ों बीघा फसल पानी मे डूब गये है। यह नाला छिटनापुर रेलवे गुमटी से निकल कर टेढ़ी नदी में गिरता है।
विज्ञापन
जिले की प्रमुख नदी टेढ़ी, बिसुही, चंद्रभाग जैसी छोटी नदिया जीवनदायिनी हैं। जिले के करनैलगंज व तरबगंज तहसील क्षेत्र के दक्षिणी छोर पर बहने वाली घाघरा नदी में हर साल बरसात के दौरान तबाही आती है। लेकिन इस बार सिंचाई विभाग ने नाटकीय ढंग से बाढ़ रोकने का नया तरीका निकाल लिया है। गायघाट से निकलने वाली सरयू नहर घाघरा से जुड़ी हुई है। इस बार घाघरा में आए सैलाब को सरयू नहरों की तरफ मोड़ दिया है। इससे जिले की नहर शाखाएं लबालब हैं। जिले में नहरों का काम अधूरा है और अधूरी नहरों में पानी छोड़े जाने के कारण उसका पानी छोटी नदियों में आ गया है।
विज्ञापन
यही कारण है कि बहराइच से निकलने वाली टेढ़ी नदी जो कटरा बाजार ब्लाक क्षेत्र में प्रवेश करती है उफना आई है। यह नदी कटरा बाजार, करनैलगंज, हलधरमऊ, परसपुर, बेलसर, झंझरी, तरबगंज होते नवाबगंज से होकर अयोध्या में सरयू से मिलती है। इस नदी में इतना पानी आ गया है कि करीब दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे करीब 50 हजार से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है। दस हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक में लगी धान, मक्का व अन्य फसलें नष्ट हो गई हैं। इसी तरह चंद्रभाग यानि चंदहा नाला भी उफान पर है। इन दोनों के उफान के कारण एक दर्जन गांवों से संपर्क कट चुका है।
विज्ञापन
हलधरमऊ के बास गांव, पतिसा, देवी दीन पुरवा, सगरा, थरि, मगराईच पुरवा, भोंका, खजुनी पुरवा, भटनैया, भरसड़ा, गंगा पुरवा, बटोरा लोहांगी, परसा महेशी, गुरसड़ा, कटहा सहित अन्य गांव बाढ़ की चपेट में आ ग हें। जलभराव से परेशानी का सामना करना पड़ता है। बटौरा बाबा के पास सड़क पर तीन फुट पानी बह रहा है। चंदहा नाला पर बने पुल पर शिवशंकर पुरवा के पास पुल के ऊपर पानी बह रहा है। इसी नाले पर भरसड़ा गांव के पास पुल के ऊपर पानी का सैलाब बह रहा है। भटनैया निवासी विनोद कुमार तिवारी उर्फ पप्पू कहते है कि चंदहा नाला व नहर की सफाई न होने से गांवो में पानी घुसा है। खजुहा के पास नहर कटने से करीब सौ बीघा धान की फसल डूब गयी है। जिससे आने वाले समय मे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बालपुर(गोंडा)। खानपुर नाला में आसपास का पानी इकट्ठा होने से खानपुर नाला उफान पर है। भग्गू के स्थान से छिटनापुर टेपरा जाने वाली सड़क के ऊपर पानी बह रहा है। सड़क पानी में बह जाने से लोगों जान जोखिम में डाल कर किसी तरह से सड़क पार करने के लिए मजबूर है। यह सड़क मैजापुर गन्ना समिति ने किसानों के सहूलियत के लिए 2010 में बनाई गयी थी। खानपुर नाला में बाढ़ आ जाने से पूरी तरह पानी मे बह गयी है। नाला के किनारे की सैकड़ों बीघा फसल पानी मे डूब गये है। यह नाला छिटनापुर रेलवे गुमटी से निकल कर टेढ़ी नदी में गिरता है।