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339 ग्राम पंचायत सचिवों व प्रधानों से जवाब तलब
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Fri, 19 Aug 2016 11:39 PM IST
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जिले की 339 ग्राम पंचायतों के सचिवों व ग्राम प्रधानों से जवाब तलब किया गया है। एक सप्ताह में संतोषजनक जवाब न देने पर संबंधित के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। इन पर प्रसाधन कक्षों के निर्माण में वित्तीय अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया है। ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सीडीओ रवीश गुप्ता ने शुक्रवार को 339 ग्राम पंचायतों के सचिवों व ग्राम प्रधानों को जारी किए निर्देश में कहा है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रसाधन कक्षों के निर्माण के लिए राशि देने के बावजूद तीन वित्तीय वर्ष में 3136 प्रसाधन कक्षों का निर्माण नहीं कराया गया है। ग्राम पंचायत सचिवों व प्रधानों को 12 हजार रुपये की लागत से प्रसाधन कक्षों निर्माण कराने का निर्देश दिया गया था।
वर्ष 2014-15 में 2909 के सापेक्ष 2683, 2015-16 में 6927 के सापेक्ष 5629 और 2016-17 में 6956 के 344 प्रसाधन कक्षों का निर्माण कार्य पूरा कराया जा सका है। वर्ष 2014-15 में 6 ग्राम पंचायतों में 226, 2015-16 में 102 ग्राम पंचायतों में 1298 और 2016-17 में 231 ग्राम पंचायतों में 6612 प्रसाधन कक्षों का निर्माण नहीं कराया गया है। प्रसाधन कक्षों के निर्माण में बरती गई वित्तीय अनियमितता के खिलाफ ग्राम पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों से एक सप्ताह के अंदर जवाब तलब किया गया है।
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जवाब संतोषजनक न देने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान के खिलाफ वित्तीय अनियमितता करने के आरोप संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। सीडीओ ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों को यह भी निर्देश दिया है कि प्रसाधन कक्षों के निर्माण की प्रगति रिपोर्ट तत्काल डीपीआरओ उपेंद्र राज के कार्यालय में संचालित स्वच्छ भारत मिशन के प्रिया साफ्टवेयर पर एमआईएस फीडिंग करा दें। अन्यथा की दशा में संबंधित ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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सीडीओ रवीश गुप्ता ने शुक्रवार को 339 ग्राम पंचायतों के सचिवों व ग्राम प्रधानों को जारी किए निर्देश में कहा है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रसाधन कक्षों के निर्माण के लिए राशि देने के बावजूद तीन वित्तीय वर्ष में 3136 प्रसाधन कक्षों का निर्माण नहीं कराया गया है। ग्राम पंचायत सचिवों व प्रधानों को 12 हजार रुपये की लागत से प्रसाधन कक्षों निर्माण कराने का निर्देश दिया गया था।
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वर्ष 2014-15 में 2909 के सापेक्ष 2683, 2015-16 में 6927 के सापेक्ष 5629 और 2016-17 में 6956 के 344 प्रसाधन कक्षों का निर्माण कार्य पूरा कराया जा सका है। वर्ष 2014-15 में 6 ग्राम पंचायतों में 226, 2015-16 में 102 ग्राम पंचायतों में 1298 और 2016-17 में 231 ग्राम पंचायतों में 6612 प्रसाधन कक्षों का निर्माण नहीं कराया गया है। प्रसाधन कक्षों के निर्माण में बरती गई वित्तीय अनियमितता के खिलाफ ग्राम पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों से एक सप्ताह के अंदर जवाब तलब किया गया है।
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जवाब संतोषजनक न देने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान के खिलाफ वित्तीय अनियमितता करने के आरोप संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। सीडीओ ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों को यह भी निर्देश दिया है कि प्रसाधन कक्षों के निर्माण की प्रगति रिपोर्ट तत्काल डीपीआरओ उपेंद्र राज के कार्यालय में संचालित स्वच्छ भारत मिशन के प्रिया साफ्टवेयर पर एमआईएस फीडिंग करा दें। अन्यथा की दशा में संबंधित ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।