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Gonda News: पुलिस का दावा, डॉक्टर के उकसाने पर नर्सिंग सहायक ने की थी आत्महत्या
Wed, 14 Feb 2024 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 14 Feb 2024 12:19 AM IST
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फोटो-- 31
- नगर कोतवाली इलाके के सतई पुरवा के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था नर्सिंग सहायक का शव
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। शहर के सर्कुलर रोड स्थित नारायण हाॅस्पिटल एंड कैंसर रिसर्च सेंटर के नर्सिंग सहायक अंकित तिवारी की हत्या नहीं हुई थी, बल्कि डॉक्टर दीपक सिंह ने नर्सिंग सहायक को आत्महत्या के लिए उकसाया था। मंगलवार को नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को नर्सिंग सहायक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। साथ ही मामले की छानबीन के दावे कर रही है।
बता दें कि 25 जनवरी की रात मोतीगंज के अचलपुर निवासी अनिल तिवारी के इकलौते बेटे अंकित तिवारी (23) का शव सतईपुरवा रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था। शरीर पर गहरे चोट के 16 निशान की पुष्टि हुई थी। मृतक के चाचा सुनील तिवारी की तहरीर पर राजकीय रेलवे पुलिस ने हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में मामला नगर कोतवाली व रेलवे पुलिस के बीच सीमा विवाद में उलझ गया। पांच दिन बाद मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की। इसके बाद मामले में साक्ष्य एकत्र के दावे किए।
पुलिस ने दावा किया कि नारायण हाॅस्पिटल से लेकर नेहरू स्टेडियम के पास सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। अंकित के मोबाइल का सीडीआर निकलवाया गया। साक्ष्य जुटाने के लिए स्टेट मेडिको लीगल टीम से जांच कराई। इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने बताया कि पूरे जांच में हत्या की पुष्टि नहीं हो सकी। आत्महत्या के लिए नर्सिंग सहायक अंकित तिवारी को उकसाया गया है। आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश के किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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17 दिन बाद हो सकी आरोपी की गिरफ्तारी
17 दिन बाद नगर कोतवाली पुलिस आरोपी डॉक्टर दीपक सिंह को गिरफ्तार कर सकी। सोमवार से पीड़ित परिवार व छात्र कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे हुए थे। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। देररात पहुंची पुलिस व धरने पर बैठे छात्र नेता शिवम पांडेय से तीखी नोंकझोंक हुई थी। पुलिस ने जबरन धरने से हटाने के कोशिशें की। पर छात्र नहीं माने थे।
आरोपी का पुलिस कराएगी नार्को टेस्ट
नर्सिंग सहायक की मौत के मामले में आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मामले में साक्ष्य जुटाए गए हैं। आरोपी डॉक्टर दीपक सिंह का नार्को टेस्ट करवाया जाएगा।
- विनीत जायसवाल, पुलिस अधीक्षक
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- नगर कोतवाली इलाके के सतई पुरवा के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था नर्सिंग सहायक का शव
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। शहर के सर्कुलर रोड स्थित नारायण हाॅस्पिटल एंड कैंसर रिसर्च सेंटर के नर्सिंग सहायक अंकित तिवारी की हत्या नहीं हुई थी, बल्कि डॉक्टर दीपक सिंह ने नर्सिंग सहायक को आत्महत्या के लिए उकसाया था। मंगलवार को नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को नर्सिंग सहायक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। साथ ही मामले की छानबीन के दावे कर रही है।
बता दें कि 25 जनवरी की रात मोतीगंज के अचलपुर निवासी अनिल तिवारी के इकलौते बेटे अंकित तिवारी (23) का शव सतईपुरवा रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था। शरीर पर गहरे चोट के 16 निशान की पुष्टि हुई थी। मृतक के चाचा सुनील तिवारी की तहरीर पर राजकीय रेलवे पुलिस ने हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में मामला नगर कोतवाली व रेलवे पुलिस के बीच सीमा विवाद में उलझ गया। पांच दिन बाद मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की। इसके बाद मामले में साक्ष्य एकत्र के दावे किए।
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पुलिस ने दावा किया कि नारायण हाॅस्पिटल से लेकर नेहरू स्टेडियम के पास सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। अंकित के मोबाइल का सीडीआर निकलवाया गया। साक्ष्य जुटाने के लिए स्टेट मेडिको लीगल टीम से जांच कराई। इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने बताया कि पूरे जांच में हत्या की पुष्टि नहीं हो सकी। आत्महत्या के लिए नर्सिंग सहायक अंकित तिवारी को उकसाया गया है। आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश के किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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17 दिन बाद हो सकी आरोपी की गिरफ्तारी
17 दिन बाद नगर कोतवाली पुलिस आरोपी डॉक्टर दीपक सिंह को गिरफ्तार कर सकी। सोमवार से पीड़ित परिवार व छात्र कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे हुए थे। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। देररात पहुंची पुलिस व धरने पर बैठे छात्र नेता शिवम पांडेय से तीखी नोंकझोंक हुई थी। पुलिस ने जबरन धरने से हटाने के कोशिशें की। पर छात्र नहीं माने थे।
आरोपी का पुलिस कराएगी नार्को टेस्ट
नर्सिंग सहायक की मौत के मामले में आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मामले में साक्ष्य जुटाए गए हैं। आरोपी डॉक्टर दीपक सिंह का नार्को टेस्ट करवाया जाएगा।
- विनीत जायसवाल, पुलिस अधीक्षक