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Gonda News: विनम्रता व सीखने की ललक ही बनाएगी सफल अधिवक्ता
Sun, 21 Jan 2024 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 21 Jan 2024 12:08 AM IST
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गोंडा। व्यवहार में विनम्रता और जीवनपर्यंत सीखने की ललक किसी भी युवा अधिवक्ता की सफलता के लिए आधार स्तंभ हैं। अपने वरिष्ठों और न्यायपालिका का सम्मान करते हुए जो अधिवक्ता बिना किसी झिझक के नई चीजें सीखते रहते हैं वे ही एक सफल अधिवक्ता के रूप में समाज में स्थापित हो सकते हैं।
यह बातें उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ के अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता अमरनाथ मिश्रा ने कहीं। मौका था अधिवक्ता परिषद की ओर से स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी का।
मुख्य अतिथि जिला जज प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जब कोई युवा अधिवक्ता विधि के क्षेत्र को अपने कॅरिअर के रूप में चुनता है तब वह जीवनभर सीखते रहने की मानसिकता के साथ ही इस क्षेत्र में आता है।
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उन्होंने कहा कि युवा अधिवक्ताओं को अपने वरिष्ठ और बेंच का सम्मान करना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता को भी चाहिए कि वे युवा अधिवक्ताओं का उचित मार्गदर्शन करते रहे।
संगोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों ने किया। संरक्षक घनश्याम पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। संगोष्ठी में अपर जिला जज डॉ. दीनानाथ, डाॅ. अनामिका चौहान, मो. नियाज अहमद अंसारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, महामंत्री चंद्रमणि तिवारी, सिविल बार के अध्यक्ष संगमलाल द्विवेदी, केके श्रीवास्तव, केके मिश्रा व शासकीय अधिवक्ता बसंत शुक्ला ने भी अपने विचार रखे।
संचालन महामंत्री धनलाल तिवारी ने किया। अतिथियों का धन्यवाद जिलाध्यक्ष अरविंद ने किया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी राजेश नरायन मणि त्रिपाठी, केपी सिंह, नितिन श्रीवास्तव, सर्वजीत सिंह व पूर्व महामंत्री रितेश यादव, श्रीमान सिंह, राजेश ओझा, जितेंद्र शुक्ला, केके द्विवेदी, भगौती पांडेय, विनय कुमार सिंह, ओम प्रकाश शुक्ला उपस्थित रहे।
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यह बातें उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ के अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता अमरनाथ मिश्रा ने कहीं। मौका था अधिवक्ता परिषद की ओर से स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी का।
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मुख्य अतिथि जिला जज प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जब कोई युवा अधिवक्ता विधि के क्षेत्र को अपने कॅरिअर के रूप में चुनता है तब वह जीवनभर सीखते रहने की मानसिकता के साथ ही इस क्षेत्र में आता है।
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उन्होंने कहा कि युवा अधिवक्ताओं को अपने वरिष्ठ और बेंच का सम्मान करना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता को भी चाहिए कि वे युवा अधिवक्ताओं का उचित मार्गदर्शन करते रहे।
संगोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों ने किया। संरक्षक घनश्याम पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। संगोष्ठी में अपर जिला जज डॉ. दीनानाथ, डाॅ. अनामिका चौहान, मो. नियाज अहमद अंसारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, महामंत्री चंद्रमणि तिवारी, सिविल बार के अध्यक्ष संगमलाल द्विवेदी, केके श्रीवास्तव, केके मिश्रा व शासकीय अधिवक्ता बसंत शुक्ला ने भी अपने विचार रखे।
संचालन महामंत्री धनलाल तिवारी ने किया। अतिथियों का धन्यवाद जिलाध्यक्ष अरविंद ने किया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी राजेश नरायन मणि त्रिपाठी, केपी सिंह, नितिन श्रीवास्तव, सर्वजीत सिंह व पूर्व महामंत्री रितेश यादव, श्रीमान सिंह, राजेश ओझा, जितेंद्र शुक्ला, केके द्विवेदी, भगौती पांडेय, विनय कुमार सिंह, ओम प्रकाश शुक्ला उपस्थित रहे।