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अब पैसेंजर नहीं डेमू ट्रेन का लीजिए मजा
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jan 2016 11:52 PM IST
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रेल यात्रियों को गोंडा से लखनऊ, गोरखपुर का सफर आसान करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने छह डेमू ट्रेनों का संचालन लखनऊ से गोंडा होते हुए गोरखपुर किए जाने का निर्णय लिया है। इन डेमू ट्रेनों से जहां लोगों के अपने गंतव्य तक पहुंचने में समय की बचत होगी। वहीं तेल में होने वाली बचत से इसका फायदा सीधे तौर पर रेल महकमे को मिलेगा।
एडीआरएम सुरेश कुमार सपरा के मुताबिक फरवरी से छह डेमू ट्रेनों का संचालन गोरखपुर-गोंडा-गोरखपुर रेलरूट के साथ ही बढ़नी रूट पर शुरू कर दिया जाएगा।
वर्तमान में गोरखपुर से गोंडा वाया बढ़नी रूट पर रेलवे की ओर से महज एक डेमू ट्रेन का संचालन ही किया जा रहा है। जबकि लखनऊ से गोरखपुर के बीच वाया मनकापुर, बभनान, बस्ती के लिए पहले की ही तरह सामान्य पैसेंजर ट्रेनें हीं संचालित हो रही हैं। जिससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है।
गोंडा से अगर कोई व्यक्ति पैसेंजर ट्रेन के मार्फत गोंडा या फिर गोरखपुर जाता है तो इसमें उसे कम से कम चार घंटे लग जाते हैं। लेकिन डेमू ट्रेन के चलने से इसका समय घटकर तीन घंटे रह जाएगा।
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पूर्वोत्तर रेलवे के एडीआरएम के मुताबिक दोनों रूटों पर डेमू ट्रेन का संचालन होने से इसका फायदा केवल यात्रियों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि इससे रेलवे के तेल की भी बचत होगी।
गोंडा से वर्तमान में दो-दो पैसेंजर ट्रेनों का संचालन गोरखपुर व लखनऊ के बीच किया जा रहा है। जिसकी जगह फरवरी से डेमू ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी।
पैसेंजर ट्रेनों से बिल्कुल अलग दिखने वाली डेमू ट्रेन में आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन लगे होते हैं। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ट्रेन अगर किसी हॉल्ट स्टेशन पर रुकती है तो दोबारा वहां से इसके संचालन में अन्य ट्रेनों के मुकाबले काफी कम समय लगता है।
चंद मिनटों में इस ट्रेन की स्पीड अन्य ट्रेनों से तीन गुना तक बढ़ जाती है। दोनों तरफ इंजन लगे होने से इस ट्रेन के एक छोर से अपने गंतव्य तक पहुंचने के बाद वापसी में दूसरे छोर के इंजन का इस्तेमाल होता है। जिससे अन्य ट्रेनों की तरह रेलवे को एक बार इंजन काटकर उसे दूसरे छोर पर लगाने की दिक्कत भी नहीं होती है।
रास्ते में किन्हीं कारणों से अगर इंजन फेल हो जाए तो दूसरे इंजन का इस्तेमाल करके ट्रेन को उसके गंतव्य के लिए रवाना किया जा सकता है।
एडीआरएम, पूर्वोत्तर रेलव सुरेश कुमार सपरा ने बताया किरेलवे बोर्ड ने छह डेमू ट्रेनों का संचालन गोंडा से गोरखपुर व लखनऊ के बीच करने का निर्णय लिया है।
यह ट्रेनें उन्हें फरवरी में मिल जाएंगी। इनका संचालन गोंडा-गोरखपुर वाया मनकापुर, बभनान, बस्ती व गोरखपुर के दूसरे रूट वाया बढ़नी किया जाएगा।
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एडीआरएम सुरेश कुमार सपरा के मुताबिक फरवरी से छह डेमू ट्रेनों का संचालन गोरखपुर-गोंडा-गोरखपुर रेलरूट के साथ ही बढ़नी रूट पर शुरू कर दिया जाएगा।
वर्तमान में गोरखपुर से गोंडा वाया बढ़नी रूट पर रेलवे की ओर से महज एक डेमू ट्रेन का संचालन ही किया जा रहा है। जबकि लखनऊ से गोरखपुर के बीच वाया मनकापुर, बभनान, बस्ती के लिए पहले की ही तरह सामान्य पैसेंजर ट्रेनें हीं संचालित हो रही हैं। जिससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है।
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गोंडा से अगर कोई व्यक्ति पैसेंजर ट्रेन के मार्फत गोंडा या फिर गोरखपुर जाता है तो इसमें उसे कम से कम चार घंटे लग जाते हैं। लेकिन डेमू ट्रेन के चलने से इसका समय घटकर तीन घंटे रह जाएगा।
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पूर्वोत्तर रेलवे के एडीआरएम के मुताबिक दोनों रूटों पर डेमू ट्रेन का संचालन होने से इसका फायदा केवल यात्रियों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि इससे रेलवे के तेल की भी बचत होगी।
गोंडा से वर्तमान में दो-दो पैसेंजर ट्रेनों का संचालन गोरखपुर व लखनऊ के बीच किया जा रहा है। जिसकी जगह फरवरी से डेमू ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी।
पैसेंजर ट्रेनों से बिल्कुल अलग दिखने वाली डेमू ट्रेन में आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन लगे होते हैं। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ट्रेन अगर किसी हॉल्ट स्टेशन पर रुकती है तो दोबारा वहां से इसके संचालन में अन्य ट्रेनों के मुकाबले काफी कम समय लगता है।
चंद मिनटों में इस ट्रेन की स्पीड अन्य ट्रेनों से तीन गुना तक बढ़ जाती है। दोनों तरफ इंजन लगे होने से इस ट्रेन के एक छोर से अपने गंतव्य तक पहुंचने के बाद वापसी में दूसरे छोर के इंजन का इस्तेमाल होता है। जिससे अन्य ट्रेनों की तरह रेलवे को एक बार इंजन काटकर उसे दूसरे छोर पर लगाने की दिक्कत भी नहीं होती है।
रास्ते में किन्हीं कारणों से अगर इंजन फेल हो जाए तो दूसरे इंजन का इस्तेमाल करके ट्रेन को उसके गंतव्य के लिए रवाना किया जा सकता है।
एडीआरएम, पूर्वोत्तर रेलव सुरेश कुमार सपरा ने बताया किरेलवे बोर्ड ने छह डेमू ट्रेनों का संचालन गोंडा से गोरखपुर व लखनऊ के बीच करने का निर्णय लिया है।
यह ट्रेनें उन्हें फरवरी में मिल जाएंगी। इनका संचालन गोंडा-गोरखपुर वाया मनकापुर, बभनान, बस्ती व गोरखपुर के दूसरे रूट वाया बढ़नी किया जाएगा।