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दूध्ा का पता नहीं, बजट का भ्ाी संकट

Wed, 05 Aug 2015 10:40 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 05 Aug 2015 10:40 PM IST
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नए मेन्यू के अनुसार मिड-डे मील में प्रत्येक बुधवार को परिषदीय, राजकीय व अनुदानित स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा आठ तक के बच्चों को दूध पिलाया जाना है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इस आदेश पर यहां पानी फिर रहा है। कहीं दूध की आपूर्ति नहीं हो रही है तो कहीं बजट का आभाव बताकर सारे स्कूलों में दूध का वितरण नहीं हो पा रहा है।

अतिरिक्त एक लाख लीटर दूध का संकट
मिड डे मील में प्रत्येक बुधवार को कक्षा आठ तक के बच्चों को 200 मिली दूध दिया जाना है। जिले में प्रतिदिन करीब तीन लाख लीटर दूध की खपत होती है। पराग डेयरी की बात करें तो यहां संचालित प्लांट की क्षमता ही 25 हजार लीटर है। करीब 8 से 10 हजार लीटर दूध अन्य कंपनियों का होता है। ऐसे में बुधवार को तीन लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं के लिए करीब एक लाख लीटर दूध की आपूर्ति कहां से होगी इसकी कोई व्यवस्था ही नहीं है।
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नहीं बंटा दूध
ग्राम पंचायत डड़वा कानूनगो में संचालित प्राथमिक विद्यालय परसापुर में 96 बच्चे पंजीकृत हैं। बुधवार को छात्र-छात्राओं को दूध का वितरण नहीं किया गया। प्रधानाध्यपिका रुबी खानम ने बताया कि बच्चों को मेन्यू के अनुसार चावल व कोफ्ता दिया गया है। दूध नहीं आया इसलिए वितरण नहीं किया जा सका। ग्राम प्रधान महेंद्र तिवारी ने बताया कि अतिरिक्त बजट नहीं मिला है जिसके कारण वितरण संभव नहीं है।
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बजट की कमी खली
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बहलोल पुर में 72 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रधानाध्यापिका ऊषा कोहली ने बताया कि दूध वितरण के लिए दूधियों से सम्पर्क किया गया लेकिन पर्याप्त मात्रा और अच्छा दूध न मिलने के कारण अमूल कंपनी का दूध लिया गया है। बजट का कमी भी खल रही है।


 पैक्ड दूध का हुआ वितरण
पूर्व माध्यमिक विद्यालय झंझरी में बच्चों को पराग डेयरी का दूध दिया गया। यहां की प्रधानाध्यापिका मंजू कंचन ने बताया कि दूधिया करीब 11 बजे आता है। वह पर्याप्त मात्रा व गुणवत्तापूर्ण दूध की आपूर्ति भी नहीं कर पाता है। ऐसे में पराग डेयरी का दूध महंगा होने के बावजूद खरीदकर बच्चों दिया जाता है।

एक माह से नहीं बना एमडीएम
प्राथमिक विद्यालय खिराभा खास में बच्चों को दूध तो दूर मध्यान्ह भोजन भी नहीं मिला। यहां बताया गया कि करीब एक माह से मिड डे मील ही नहीं बन रहा है। अध्यापिका गीता देवी ने बताया कि स्कूल में 94 बच्चे पंजीकृत हैं। मिड डे मील न बनने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है।


मुख्य विकास अधिकारी जयंत कुमार दीक्षित ने बताया कि जिला समन्वयक मिड डे मील से रिपोर्ट तलब की जाएगी। जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  


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