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राष्ट्रीय बचत कार्यक्रम का लक्ष्य निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो/ गोंडा
Updated Tue, 14 Jul 2015 10:57 PM IST
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जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने जनपद के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये हैं कि राष्ट्रीय बचत कार्यक्रम में सहयोग दें। उन्होंने जनपद के सभी कार्यालयों को 6450 लाख रुपये के बचत लक्ष्य को निर्धारित किया है।
उपाध्याय ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये गये हैं कि अपने कार्यालय के अधीनस्थ सभी कर्मचारियों के डाकघर में आरडी खाते खुलवाकर वेतन बचत समूह योजना का शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी आयकरदाता की श्रेणी में आते हैं, वह पीपीएफ खाते खुलवाएं। यह भी निर्देश दिये गये हैं कि प्रत्येक कार्यालय के कैशियर/एकाउन्टेंट को ‘ग्रुप लीडर’ नामित किया जाए। कार्यालय के किसी एक तृतीय श्रेणी के कर्मचारी को ‘आन्तरिक अभिकर्ता’ नियुक्त करने के लिए जिला राष्ट्रीय बचत कार्यालय को अपनी संस्तुति भेज दें।
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उन्होंने कहा कि जिन कार्यालयों में जमानत की धनराशि प्राप्त करने का प्रावधान है, वे राष्ट्रीय बचत पत्र/डाकघर सावधि जमा के रूप में ही स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि जन सामान्य को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं व लाइसेंस परमिट आदि के नवीनीकरण करते समय सम्बन्धित व्यक्तियों से राष्ट्रीय बचत की प्रतिभूतियों में निवेश कराया जाए।
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उपाध्याय ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये गये हैं कि अपने कार्यालय के अधीनस्थ सभी कर्मचारियों के डाकघर में आरडी खाते खुलवाकर वेतन बचत समूह योजना का शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित किया जाए।
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उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी आयकरदाता की श्रेणी में आते हैं, वह पीपीएफ खाते खुलवाएं। यह भी निर्देश दिये गये हैं कि प्रत्येक कार्यालय के कैशियर/एकाउन्टेंट को ‘ग्रुप लीडर’ नामित किया जाए। कार्यालय के किसी एक तृतीय श्रेणी के कर्मचारी को ‘आन्तरिक अभिकर्ता’ नियुक्त करने के लिए जिला राष्ट्रीय बचत कार्यालय को अपनी संस्तुति भेज दें।
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उन्होंने कहा कि जिन कार्यालयों में जमानत की धनराशि प्राप्त करने का प्रावधान है, वे राष्ट्रीय बचत पत्र/डाकघर सावधि जमा के रूप में ही स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि जन सामान्य को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं व लाइसेंस परमिट आदि के नवीनीकरण करते समय सम्बन्धित व्यक्तियों से राष्ट्रीय बचत की प्रतिभूतियों में निवेश कराया जाए।