{"_id":"68d6d430c9cc72288801ce21","slug":"miscellaneous-suit-will-be-filed-against-the-plaintiff-for-filing-a-false-case-gonda-news-c-100-1-brp1002-144616-2025-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: झूठा मुकदमा दर्ज कराने पर वादिनी के खिलाफ चलेगा प्रकीर्ण वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: झूठा मुकदमा दर्ज कराने पर वादिनी के खिलाफ चलेगा प्रकीर्ण वाद
Sat, 27 Sep 2025 07:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 27 Sep 2025 07:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। किशोरी के अपहरण व पाॅक्सो एक्ट के मामले में साक्ष्य के अभाव में अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। इसके साथ ही झूठा केस दर्ज कराने के मामले में अदालत ने वादिनी के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कराने का आदेश दिया है।
नवाबगंज के एक गांव की अनीता ने आरोप लगाया था कि पांच जुलाई 2022 को सुबह पांच बजे उनकी 16 वर्षीय बेटी को विकास बहलाकर ले गया। तफ्तीश के दौरान साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया, लेकिन ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष साक्ष्य नहीं पेश कर सका।
अनीता अपने पूर्व में दिए गए बयान से मुकर गई और अदालत में दिए गए बयान में कहा कि बेटी अपनी मर्जी से गई थी। दोनों ने विवाह भी कर लिया है। साक्ष्य के आधार पर अदालत ने माना कि अनीता ने जान-बूझकर आरोपी को फंसाने के लिए झूठा केस दर्ज कराया और झूठा बयान भी दिया। शुक्रवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) निर्भय प्रकाश ने अभियुक्त विकास को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने झूठा साक्ष्य देने के मामले में अनीता के खिलाफ पाॅक्सो एक्ट के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नवाबगंज के एक गांव की अनीता ने आरोप लगाया था कि पांच जुलाई 2022 को सुबह पांच बजे उनकी 16 वर्षीय बेटी को विकास बहलाकर ले गया। तफ्तीश के दौरान साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया, लेकिन ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष साक्ष्य नहीं पेश कर सका।
विज्ञापन
अनीता अपने पूर्व में दिए गए बयान से मुकर गई और अदालत में दिए गए बयान में कहा कि बेटी अपनी मर्जी से गई थी। दोनों ने विवाह भी कर लिया है। साक्ष्य के आधार पर अदालत ने माना कि अनीता ने जान-बूझकर आरोपी को फंसाने के लिए झूठा केस दर्ज कराया और झूठा बयान भी दिया। शुक्रवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) निर्भय प्रकाश ने अभियुक्त विकास को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने झूठा साक्ष्य देने के मामले में अनीता के खिलाफ पाॅक्सो एक्ट के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन