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Gonda News: न्यायालय परिसर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
Sat, 13 Apr 2024 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 13 Apr 2024 11:17 PM IST
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गोंडा। सदर तहसील में अधिकारियों की मनमानी से वादकारी, किसान और आम जनमानस को न्याय नहीं मिल पा रहा है। दीवानी न्यायालय परिसर में अधिवक्ता और वादकारियों के लिए पेयजल और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जल्द ही समस्याओं का समाधान न हुआ तो अधिवक्ता समाज व्यापक स्तर पर आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य हो जाएगा। ये बातें बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी व महामंत्री चंद्रमणि तिवारी ने शनिवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि दीवानी न्यायालय परिसर में महज दो इंडिया मार्का हेंडपंप हैं और दोनों खराब हैं। कोरोना काल से ही परिसर की तीनों कैंटीन बंद हैं। जिससे जलपान के लिए भी परेशान होना पड़ता है। परिसर में साफ-सफाई न होने से गंदगी व्याप्त है। सार्वजनिक शौचालयों में भी गंदगी का अंबार है। पुराने और जर्जर भवन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं और उस पर भार बढ़ने से दुर्घटना की आशंका है। इन समस्याओं के संबंध में नजारत प्रभारी, कोर्ट मैनेजर व जिला जज से वार्ता कर अवगत कराया गया लेकिन स्थिति जस की तस है।
अध्यक्ष ने कहा कि मंडल स्थापना के लगभग ढाई दशक बाद भी मंडल मुख्यालय पर कई विभागों के मंडलीय कार्यालय नहीं होने से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महामंत्री चंद्रमणि तिवारी ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी से गोंडा सदर तहसील की हालत बदतर होती जा रही है। यहां निर्विवाद पत्रावलियों को भी वर्षों तक लंबित रखा जाता है। दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान न हुआ तो जनहित की लड़ाई लड़ने वाला अधिवक्ता समाज व्यापक स्तर पर आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य हो जाएगा।
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उन्होंने कहा कि दीवानी न्यायालय परिसर में महज दो इंडिया मार्का हेंडपंप हैं और दोनों खराब हैं। कोरोना काल से ही परिसर की तीनों कैंटीन बंद हैं। जिससे जलपान के लिए भी परेशान होना पड़ता है। परिसर में साफ-सफाई न होने से गंदगी व्याप्त है। सार्वजनिक शौचालयों में भी गंदगी का अंबार है। पुराने और जर्जर भवन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं और उस पर भार बढ़ने से दुर्घटना की आशंका है। इन समस्याओं के संबंध में नजारत प्रभारी, कोर्ट मैनेजर व जिला जज से वार्ता कर अवगत कराया गया लेकिन स्थिति जस की तस है।
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अध्यक्ष ने कहा कि मंडल स्थापना के लगभग ढाई दशक बाद भी मंडल मुख्यालय पर कई विभागों के मंडलीय कार्यालय नहीं होने से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महामंत्री चंद्रमणि तिवारी ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी से गोंडा सदर तहसील की हालत बदतर होती जा रही है। यहां निर्विवाद पत्रावलियों को भी वर्षों तक लंबित रखा जाता है। दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान न हुआ तो जनहित की लड़ाई लड़ने वाला अधिवक्ता समाज व्यापक स्तर पर आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य हो जाएगा।
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