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सिंचाई विभाग कराएगा नहरों की सफाई
अमर उजाला/गोंडा
Updated Mon, 27 Jun 2016 11:45 PM IST
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नहर की कराई सफार्ई
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की एक तिहाई आबादी को सिंचाई के सबसे बड़े साधन नहरों से जोड़ने के लिए सिंचाई विभाग ने सरयू नहर कैनाल की सफाई का अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान में जहां बहराइच से गोंडा और फिर यहां से बस्ती तक जाने वाली 80 किलोमीटर सरयू नहर कैनाल की सफाई होनी है तो वहीं इस कैनाल से जुड़ी मनकापुर, तरबगंज, इटियाथोक व इमामगंज ब्रांचों की भी करीब 209 किलोमीटर नहर साफ की जानी है। ताकि किसानों को इन नहरों का सीधा लाभ आसानी से प्राप्त हो सके और वह खेतों की सिंचाई कर पाएं। सिंचाई के लिए नहरों के इस सफाई अभियान पर करीब 37 करोड़ रुपये जिले में खर्च किए जाने हैं।
बहराइच से गोंडा और यहां से मनकापुर के रास्ते बस्ती तक जाने वाली सरयू नहर कैनाल का उद्गम मुख्य रूप से बहराइच से ही हुआ है। जहां से बस्ती तक जाने वाली नहर और इस नहर से निकली उसकी चार अलग-अलग ब्रांचों से जिले की आधी आबादी अपने खेतों की सिंचाई करती हैं। लेकिन इधर पिछले कई सालों से नहर की सफाई ठीक ढंग से न हो पाने के कारण नहर का पानी टेल तक नहीं जा पा रहा था।
इतना ही नहीं कुछ स्थानों पर नहरों की वजूद भी खत्म होने की कगार पर आ गया था। जिसे फिर से पुरानी स्थिति में लाने और प्रमुख स्थानों पर पानी स्टापेज के लिए बेड बनाने का काम सिंचाई विभाग ने आर्यनगर से शुरू कर दिया है।
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रविवार से शुरू हुए इस काम में जहां सिंचाई विभाग पोकलैंड मशीन लगाकर यहां बेड को नीचा किए जाने के लिए नहर की नए सिरे से खुदाई करा रहा है तो वहीं आर्यनगर के कुछ पहले से प्वाइंट संख्या 40 से 120 तक नहर की पूरी सफाई के लिए अलग-अलग स्पाट भी चिन्हित किए जा रहे हैं। ताकि जैसे ही एक-एक स्पाट का काम पूरा होता जाए। मशीन को दूसरे स्पाट पर ले जाकर वहां सफाई का काम शुरू करा दिया जाए।
वहीं इस दौरान जहां-जहां भी नहर कटी मिलेगी, उसे भी सिंचाई विभाग अभियंता ठीक कराकर उसका सुदृढ़ीकरण कराएंगे। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता दिनेश ने बताया कि सरयू नहर खंड चार की कैनाल का काम आर्यनगर से शुरू हो गया है। साथ ही इस कैनाल से जितनी भी ब्रांचें निकली हैं, उन सभी की सफाई भी होनी है। जिससे लोगों को नहरों का पूरा लाभ मिल सके।
इतने किलोमीटर साफ होगी नहर
सरयू नहर खंड चार की गोंडा ब्रांच-80 किलोमीटर
मनकापुर ब्रांच-30 किलोमीटर
तरबगंज ब्रांच-89 किलोमीटर
इटियाथोक ब्रांच-38 किलोमीटर
इमामगंज ब्रांच-52 किलोमीटर
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बहराइच से गोंडा और यहां से मनकापुर के रास्ते बस्ती तक जाने वाली सरयू नहर कैनाल का उद्गम मुख्य रूप से बहराइच से ही हुआ है। जहां से बस्ती तक जाने वाली नहर और इस नहर से निकली उसकी चार अलग-अलग ब्रांचों से जिले की आधी आबादी अपने खेतों की सिंचाई करती हैं। लेकिन इधर पिछले कई सालों से नहर की सफाई ठीक ढंग से न हो पाने के कारण नहर का पानी टेल तक नहीं जा पा रहा था।
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इतना ही नहीं कुछ स्थानों पर नहरों की वजूद भी खत्म होने की कगार पर आ गया था। जिसे फिर से पुरानी स्थिति में लाने और प्रमुख स्थानों पर पानी स्टापेज के लिए बेड बनाने का काम सिंचाई विभाग ने आर्यनगर से शुरू कर दिया है।
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रविवार से शुरू हुए इस काम में जहां सिंचाई विभाग पोकलैंड मशीन लगाकर यहां बेड को नीचा किए जाने के लिए नहर की नए सिरे से खुदाई करा रहा है तो वहीं आर्यनगर के कुछ पहले से प्वाइंट संख्या 40 से 120 तक नहर की पूरी सफाई के लिए अलग-अलग स्पाट भी चिन्हित किए जा रहे हैं। ताकि जैसे ही एक-एक स्पाट का काम पूरा होता जाए। मशीन को दूसरे स्पाट पर ले जाकर वहां सफाई का काम शुरू करा दिया जाए।
वहीं इस दौरान जहां-जहां भी नहर कटी मिलेगी, उसे भी सिंचाई विभाग अभियंता ठीक कराकर उसका सुदृढ़ीकरण कराएंगे। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता दिनेश ने बताया कि सरयू नहर खंड चार की कैनाल का काम आर्यनगर से शुरू हो गया है। साथ ही इस कैनाल से जितनी भी ब्रांचें निकली हैं, उन सभी की सफाई भी होनी है। जिससे लोगों को नहरों का पूरा लाभ मिल सके।
इतने किलोमीटर साफ होगी नहर
सरयू नहर खंड चार की गोंडा ब्रांच-80 किलोमीटर
मनकापुर ब्रांच-30 किलोमीटर
तरबगंज ब्रांच-89 किलोमीटर
इटियाथोक ब्रांच-38 किलोमीटर
इमामगंज ब्रांच-52 किलोमीटर