फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   In 100 gram panchayats work stopped

100 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम ठप

Tue, 14 Jul 2015 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बलरामपुर
अमर उजाला ब्यूरो/ बलरामपुर Updated Tue, 14 Jul 2015 11:01 PM IST
विज्ञापन
चालू वित्तीय वर्ष में 31 जुलाई तक जिले में 10 लाख मानव दिवस सृजन करने का लक्ष्य रखा गया है जिसके सापेक्ष अभी तक मात्र चार लाख मानव दिवस का सृजन का हो सका है। वित्तीय वर्ष के साढ़े तीन माह में अभी तक 100 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम पूरी तरह से ठप है।
विज्ञापन


संबंधित बीडीओ के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है। मनरेगा के काम में लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकारी सीज करने की चेतावनी दी गई है। यह बातें सीडीओ रामाश्रय ने मंगलवार को विकास भवन स्थित कार्यालय में जनपद के सभी नौ ब्लॉकों में कराए जा रहे मनरेगा कार्यों की समीक्षा के दौरान बीडीओ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहीं।
विज्ञापन


उन्होंने जिले की 100 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष के साढ़े तीन माह बीत जाने के बाद मनरेगा काम शुरू न होने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने की चेतावनी दी। मास्टर रोल भेजने के बाद भी काम न कराने वाले संबंधित ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार सीज किए जाने की भी चेतावनी सीडीओ ने दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य जनपदों की अपेक्षा जिले में मनरेगा कार्य की प्रगति काफी खराब है। सीडीओ ने सभी बीडीओ को मनरेगा कार्य की प्रगति में शीघ्र सुधार किए जाने का निर्देश दिया। वित्तीय वर्ष में शासन से 31 जुलाई तक जिले में 10 लाख मानव दिवस सृजन करने का निर्देश दिया है।

लक्ष्य के सापेक्ष जिले में अभी तक कुल चार लाख मानव दिवस सृजन होने की रिपोर्ट मिली है। सभी बीडीओ को लक्ष्य के अनुरूप निर्धारित समय में मानव दिवस सृजन करने का काम पूरा कराने का निर्देश सीडीओ ने दिया। सीडीओ ने सभी बीडीओ, ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान को निर्देश जारी किया कि हर माह बजट का उपभोग कर किए गए काम की रिपोर्ट इंटरनेट तत्काल अपलोड कराएं जिससे कार्य की प्रगति भारत सरकार के वेब पोर्टल पर शो हो सके तभी काम का आंकड़ा लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले के एक लाख 55 हजार मनरेगा श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। जिले में अभी तक शत-प्रतिशत मनरेगा श्रमिकों को काम न मिलने में निचले स्तर के कर्मचारी व ग्राम प्रधान जिम्मेदार हैं।


सीडीओ ने पचपेड़वा, गैसड़ी व रेहरा बाजार ब्लॉकों में काम की प्रगति खराब पाए जाने पर नाराजगी जताई। मनेरगा काम शुरू न होने वाली 100 ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर संबंधित बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने और ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज किए जाने की चेतावनी सीडीओ ने दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed