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Gonda News: पहली बार सुनी आवाज, तो खुशी से रो पड़ी आशी
Thu, 02 Mar 2023 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 02 Mar 2023 12:44 AM IST
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आशी
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गोंडा। चार साल की आशी सिंह के सुन्न कानों में पहली बार आवाज गूंजी तो वह घबरा गई। कानों में हुई हलचल से रोने लगी। यह देख उसकी मां आंचल सिंह की आंखें छलक पड़ीं। पिता दीपांशु सिंह ने बिटिया को पुचकारते हुए गोदी में उठा लिया।
बेहद मासूमियत के साथ पूछा ‘डॉक्टर साहब, आशी सुन तो सकेगी ना’। डॉक्टर ने हां का इशारा किया तो माता-पिता आंखें डबडबा आईं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के प्रयास से तरबगंज निवासी दीपांशु सिंह की चार वर्षीय बेटी आशी सिंह का लखनऊ के हॉस्पिटल में 24 फरवरी को सफल कॉक्लियर इंप्लांट्स हुआ।
ऑपरेशन नि:शुल्क और परिजनों को आने जाने का किराया भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए जाने का दावा किया जा रहा है। कटरा बाजार निवासी पवन कुमार यादव के पांच वर्षीय बेटे ऋषभ यादव की खामोशी टूटी तो परिवारीजनों के खुशी का ठिकाना नहीं रह गया।
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मेरे पास न इतने पैसे न हिम्मत
कटरा बाजार निवासी पवन कुमार प्राइवेट नौकरी करता है। बताया कि उसके तीन बेटे व एक बेटी है। बड़ा बेटा ऋषभ बचपन से सुन व बोल नहीं सकता था। भविष्य को लेकर परिवार को चिंता हो रही थी। मेरे पास इतने पैसे नहीं थे कि मैं निजी अस्पताल में महंगा ऑपरेशन करवा सकूं। रिश्तेदारों से पता करवाया था तो उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में आठ लाख रुपये लगेंगे।
एक दिन सीएमओ कार्यालय पर जाने पर जानकारी मिली कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मुफ्त में ऑपरेशन हो सकता है। इसके बाद ऋषभ सुन और बोल सकेगा। मेरे परिवार के लिए वह दिन सबसे शुभ था, जब डॉक्टर ने बताया कि बच्चे का कॉक्लियर इंप्लांट किया गया है। बच्चे के कान में स्पीच प्रोसेसर लगा दिया है।अब स्पीच थेरेपी शुरू की जा रही है। इसके बाद वह बोलने भी लगेगा।
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मुफ्त कराया जा रहा ऑपरेशन
- आरबीएसके के जिला समन्वयक उमाशंकर ने बताया जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों की जन्मजात बीमारी के हो रहे इलाज के बाद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट रही है। मोबाइल हेल्थ टीम की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा है। बच्चों की स्क्रीनिंग कर सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ऑपरेशन करवाए जा रहे हैं।
फैक्स फाइल--
कटे होंठ व तालू का ऑपरेशन- 78
मुड़े हुए पैर वाले बच्चों का ऑपरेशन- 42
जन्मजात हृदय संबंधी रोग का इलाज- नौ
मूक बधिर बच्चों का ऑपरेशन- 11
बड़ा सिर वाला ऑपरेशन- तीन
जन्मजात मोतियाबिंद- दो
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्म से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की स्क्रीनिंग करवाकर मुफ्त ऑपरेशन कराया जा रहा है। अब तक 129 बच्चों का सफल ऑपरेशन हुआ है।
- डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ
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बेहद मासूमियत के साथ पूछा ‘डॉक्टर साहब, आशी सुन तो सकेगी ना’। डॉक्टर ने हां का इशारा किया तो माता-पिता आंखें डबडबा आईं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के प्रयास से तरबगंज निवासी दीपांशु सिंह की चार वर्षीय बेटी आशी सिंह का लखनऊ के हॉस्पिटल में 24 फरवरी को सफल कॉक्लियर इंप्लांट्स हुआ।
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ऑपरेशन नि:शुल्क और परिजनों को आने जाने का किराया भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए जाने का दावा किया जा रहा है। कटरा बाजार निवासी पवन कुमार यादव के पांच वर्षीय बेटे ऋषभ यादव की खामोशी टूटी तो परिवारीजनों के खुशी का ठिकाना नहीं रह गया।
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मेरे पास न इतने पैसे न हिम्मत
कटरा बाजार निवासी पवन कुमार प्राइवेट नौकरी करता है। बताया कि उसके तीन बेटे व एक बेटी है। बड़ा बेटा ऋषभ बचपन से सुन व बोल नहीं सकता था। भविष्य को लेकर परिवार को चिंता हो रही थी। मेरे पास इतने पैसे नहीं थे कि मैं निजी अस्पताल में महंगा ऑपरेशन करवा सकूं। रिश्तेदारों से पता करवाया था तो उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में आठ लाख रुपये लगेंगे।
एक दिन सीएमओ कार्यालय पर जाने पर जानकारी मिली कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मुफ्त में ऑपरेशन हो सकता है। इसके बाद ऋषभ सुन और बोल सकेगा। मेरे परिवार के लिए वह दिन सबसे शुभ था, जब डॉक्टर ने बताया कि बच्चे का कॉक्लियर इंप्लांट किया गया है। बच्चे के कान में स्पीच प्रोसेसर लगा दिया है।अब स्पीच थेरेपी शुरू की जा रही है। इसके बाद वह बोलने भी लगेगा।
मुफ्त कराया जा रहा ऑपरेशन
- आरबीएसके के जिला समन्वयक उमाशंकर ने बताया जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों की जन्मजात बीमारी के हो रहे इलाज के बाद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट रही है। मोबाइल हेल्थ टीम की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा है। बच्चों की स्क्रीनिंग कर सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ऑपरेशन करवाए जा रहे हैं।
फैक्स फाइल
कटे होंठ व तालू का ऑपरेशन- 78
मुड़े हुए पैर वाले बच्चों का ऑपरेशन- 42
जन्मजात हृदय संबंधी रोग का इलाज- नौ
मूक बधिर बच्चों का ऑपरेशन- 11
बड़ा सिर वाला ऑपरेशन- तीन
जन्मजात मोतियाबिंद- दो
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्म से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की स्क्रीनिंग करवाकर मुफ्त ऑपरेशन कराया जा रहा है। अब तक 129 बच्चों का सफल ऑपरेशन हुआ है।
- डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ