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तबादले के बाद एलटी की तैनाती नहीं, जांचें ठप
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फोटो-9-गोंडा के बेलसर सीएचसी में जांच कक्ष में लटकता ताला व खड़े मरीज। -संवाद
- फोटो : GONDA
बेलसर (गोंडा)। स्थानांतरण के बाद दूसरे लैब टेक्नीशियन की तैनाती न होने से सीएचसी में जांच ठप हो गई है। पैथोलॉजी में ताला लटका है। सुदूर गांवों से इलाज व जांच कराने आने वाले मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की भी जांच नहीं कराई जा रही है। गर्भवती की जान पर आफत बनी हुई है।
सीएचसी बेलसर में कार्यरत लैब असिस्टेंट को कोविड संक्रमण काल में करीब ढाई साल पहले मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। हाल ही में हुए स्वास्थ्य विभाग के स्थानांतरण प्रक्रिया में सीएचसी पर तैनात एलटी को गैर जनपद स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन उनके स्थान पर तैनाती नहीं की गई। एक सप्ताह से जांच कक्ष में ताला लगा है। टेक्नीशियन न होने से जहां सामान्य ओपीडी के 300 मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पाती है। सामान्य मरीजों में यदि देखा जाए तो दस मरीज में से एक मरीज की स्थिति ऐसी होती है जो बिना जांच के दवा देने लायक नहीं। तमाम मरीज ऐसे हैं जो बाहर प्राइवेट दुकान से जांच करवाने में सक्षम नहीं हैं।
इन मरीजों से भी अधिक खतरे में उन गर्भवती महिलाओं की जिंदगी है जो सीएचसी पर प्रसव कराने के लिए आती हैं। प्रसव के पूर्व महिलाओं का हीमोग्लोबिन, एचआईवी समेत अन्य जांच किया जाना आवश्यक है, लेकिन सीएचसी पर सुविधा बंद होने से उनकी जान भगवान भरोसे है। एक मरीज ने बताया कि तीन दिन से सीएचसी का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जांच केंद्र पर ताला लटक रहा है।
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सीएचसी अधीक्षक सतपाल सोनकर ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व यहां पर तैनात रहे लैब टेक्नीशियन योगेश श्रीवास्तव का स्थानांतरण लखीमपुर खीरी हो गया है। विभाग ने उनके स्थान पर किसी को तैनाती नहीं की है, जिससे जांच नही हों पा रही है। सीएमओ को पत्र लिखकर मुख्यालय पर अटैच किए गए लैब असिस्टेंट को मुक्त करने के लिए अनुरोध किया है। जल्द ही जांच सुविधा मिलने लगेगी। (संवाद)
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सीएचसी बेलसर में कार्यरत लैब असिस्टेंट को कोविड संक्रमण काल में करीब ढाई साल पहले मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। हाल ही में हुए स्वास्थ्य विभाग के स्थानांतरण प्रक्रिया में सीएचसी पर तैनात एलटी को गैर जनपद स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन उनके स्थान पर तैनाती नहीं की गई। एक सप्ताह से जांच कक्ष में ताला लगा है। टेक्नीशियन न होने से जहां सामान्य ओपीडी के 300 मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पाती है। सामान्य मरीजों में यदि देखा जाए तो दस मरीज में से एक मरीज की स्थिति ऐसी होती है जो बिना जांच के दवा देने लायक नहीं। तमाम मरीज ऐसे हैं जो बाहर प्राइवेट दुकान से जांच करवाने में सक्षम नहीं हैं।
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इन मरीजों से भी अधिक खतरे में उन गर्भवती महिलाओं की जिंदगी है जो सीएचसी पर प्रसव कराने के लिए आती हैं। प्रसव के पूर्व महिलाओं का हीमोग्लोबिन, एचआईवी समेत अन्य जांच किया जाना आवश्यक है, लेकिन सीएचसी पर सुविधा बंद होने से उनकी जान भगवान भरोसे है। एक मरीज ने बताया कि तीन दिन से सीएचसी का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जांच केंद्र पर ताला लटक रहा है।
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सीएचसी अधीक्षक सतपाल सोनकर ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व यहां पर तैनात रहे लैब टेक्नीशियन योगेश श्रीवास्तव का स्थानांतरण लखीमपुर खीरी हो गया है। विभाग ने उनके स्थान पर किसी को तैनाती नहीं की है, जिससे जांच नही हों पा रही है। सीएमओ को पत्र लिखकर मुख्यालय पर अटैच किए गए लैब असिस्टेंट को मुक्त करने के लिए अनुरोध किया है। जल्द ही जांच सुविधा मिलने लगेगी। (संवाद)