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Gonda News: डॉक्टर दे रहे प्रशिक्षण,बिना इलाज लौटे 300 मरीज
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गोंडा में जिला अस्पताल की ओपीडी के सामने लगी मरीजों की भीड़। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई हैं। कुछ डॉक्टरों को एईएस और जेई के प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंगलवार को ओपीडी में इलाज कराने आए करीब 300 मरीजों को बिना इलाज बैरंग लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में 44 के सापेक्ष सिर्फ 20 डॉक्टरों की तैनाती है। अस्पताल में नियमित फिजीशियन सहित कई पद रिक्त चल रहे हैं। जिससे एक-एक डॉक्टरों से दोहरा काम लिया जा रहा। सीएमओ कार्यालय पर चल रहे चार दिवसीय एईएस-जेई प्रशिक्षिण शिविर में बाल रोग विशेषज्ञ व वरिष्ठ परामर्शदाता की ड्यूटी प्रशिक्षक के रूप लगाए जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम के ओपीडी में हर रोज औसत 200 बच्चों का इलाज होता था, वहीं डॉक्टर कुलदीप पांडेय की ओपीडी 220 मरीजों को इलाज मिलता था। मगर मंगलवार को इन डॉक्टरों के अनुपस्थित में मरीजों को भटकना पड़ा। विभिन्न बीमारियों के करीब 300 पुराने मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा।
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अकेले फिजीशियन की ओपीडी में उमड़ी भीड़
जिला अस्पताल में नियमित फिजीशियन का पद रिक्त होने से संविदा पर तैनात फिजीशियन डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, डॉ. सोएब इकबाल व वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. कुलदीप पांडेय मरीजों का इलाज करते थे। मंगलवार को डॉ. कुलदीप को प्रशिक्षण कार्य में होने व डॉ. सोएब इकबाल के अवकाश पर होने के कारण अकेले डॉ अखिलेश के ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी रही। घंटों तक इंतजार करने के बाद कुछ मरीजों को लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में पहले से ही डॉक्टरों की कमी है, बचे डॉक्टरों का ड्यूटी प्रशिक्षण में लगाए जाने से मरीजों को समस्या हो रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों को अतिरिक्त कार्यों में लगाने से ओपीडी प्रभावित हो रही। डॉ. पीडी गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में 44 के सापेक्ष सिर्फ 20 डॉक्टरों की तैनाती है। अस्पताल में नियमित फिजीशियन सहित कई पद रिक्त चल रहे हैं। जिससे एक-एक डॉक्टरों से दोहरा काम लिया जा रहा। सीएमओ कार्यालय पर चल रहे चार दिवसीय एईएस-जेई प्रशिक्षिण शिविर में बाल रोग विशेषज्ञ व वरिष्ठ परामर्शदाता की ड्यूटी प्रशिक्षक के रूप लगाए जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम के ओपीडी में हर रोज औसत 200 बच्चों का इलाज होता था, वहीं डॉक्टर कुलदीप पांडेय की ओपीडी 220 मरीजों को इलाज मिलता था। मगर मंगलवार को इन डॉक्टरों के अनुपस्थित में मरीजों को भटकना पड़ा। विभिन्न बीमारियों के करीब 300 पुराने मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा।
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अकेले फिजीशियन की ओपीडी में उमड़ी भीड़
जिला अस्पताल में नियमित फिजीशियन का पद रिक्त होने से संविदा पर तैनात फिजीशियन डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, डॉ. सोएब इकबाल व वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. कुलदीप पांडेय मरीजों का इलाज करते थे। मंगलवार को डॉ. कुलदीप को प्रशिक्षण कार्य में होने व डॉ. सोएब इकबाल के अवकाश पर होने के कारण अकेले डॉ अखिलेश के ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी रही। घंटों तक इंतजार करने के बाद कुछ मरीजों को लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में पहले से ही डॉक्टरों की कमी है, बचे डॉक्टरों का ड्यूटी प्रशिक्षण में लगाए जाने से मरीजों को समस्या हो रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों को अतिरिक्त कार्यों में लगाने से ओपीडी प्रभावित हो रही। डॉ. पीडी गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल